रेत माफिया का कहर जारी, अवैध उत्खनन से भरे ट्रैक्टर के पलटने से मासूम युवक की मौत, हादसा या सिस्टम की हत्या
शहडोल। जिले में रेत का वैध ठेका नहीं होने का फायदा उठाकर रेत माफिया पूरी तरह संगठित होकर सक्रिय हो चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि जिले की नदियों का सीना दिन-रात छलनी किया जा रहा है। बेखौफ रेत माफिया खुलेआम अवैध उत्खनन कर शहडोल जिले से रीवा, सतना सहित उत्तरप्रदेश तक रेत की तस्करी कर रहे हैं। माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला करने से भी नहीं चूक रहे। इसी अवैध रेत कारोबार की एक और दर्दनाक तस्वीर बुढार थाना क्षेत्र से सामने आई है, जहां अवैध रेत परिवहन के दौरान एक मासूम युवक की जान चली गई।ताजा मामला बुढार थाना अंतर्गत ग्राम मर्जाद का है। यहां कुकुरघोड़ी नाला के पास अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहा एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया,इस हादसे में ट्रैक्टर चालक आकाश कोल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, मृतक आकाश कोल, ग्राम मर्जाद का निवासी था और अपने नाना के घर रहकर मजदूरी कर रहा था। बताया जा रहा है कि आकाश रेत से भरा ट्रैक्टर लेकर जा रहा था, तभी रास्ते में संतुलन बिगड़ने से ट्रैक्टर पलट गया और वह उसके नीचे दब गया, स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कोई साधारण सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का सीधा परिणाम है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से नालों और नदियों से अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है और बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दौड़ाई जा रही हैं। न तो ट्रैक्टर चालकों को कोई प्रशिक्षण होता है और न ही परिवहन के दौरान नियमों का पालन किया जाता है। ऐसे में हादसे होना तय है।

हालांकि पुलिस इस पूरे मामले को फिलहाल एक सामान्य हादसा बता रही है।
बुढार पुलिस का कहना है कि ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलटा, जिससे चालक की मौत हुई है और मामले की जांच की जा रही है। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर रेत से भरा ट्रैक्टर वहां क्या कर रहा था, रेत कहां से निकाली गई और किसके लिए ले जाई जा रही थी, क्या इस अवैध कारोबार के पीछे बैठे माफियाओं तक जांच पहुंचेगी या फिर मामला एक और दुर्घटना बताकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
गौरतलब है कि जिले में रेत माफिया के खिलाफ लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार प्रशासनिक अमले पर हमले की घटनाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन सख्त कार्रवाई के अभाव में माफियाओं के हौसले और बढ़ते जा रहे हैं। इस हादसे ने एक बार फिर सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।