बदहाली का दंश झेल रहे हैं नगरवासी*
गिरीश राठौड़.
अनूपपुर (बिजुरी)/_नगरपालिका बिजुरी क्षेत्रांतर्गत लगभग सभी वार्डों में पानी कि समस्या विकराल रूप लेने लगा है। क्षेत्रभर में पानी कि समस्या से जूझ रहे लोग जहां प्रतिदिन नगरपालिका द्वारा प्रदान किये जाने वाले पानी टैंकर के इंतजार में दिन-भर बैठे रहते हैं घरों के पास, वहीं यह टैंकर चालक वार्डों में पानी देने के स्थान पर व्यवसायियों को पानी देने में ज्यादा व्यस्त दिखाई देते हैं। और आम लोगों को टैंकर कि कमी होने का हवाला देकर मामले से पल्ला झाड़ लेते हैं। वहीं किसी वार्ड प्रतिनिधी ने अगर अपने वार्ड में पानी का मांग कर भी दिया तो टैंकर चालक उन्हे बहेराबांध स्थित फिल्टर प्लांट का काला पानी जानबूझकर प्रदान करते हैं, ताकी वार्ड प्रतिनिधी दूसरी बार पानी मांगने से पूर्व सौ बार विचार करे।
*कहां गये खरीदा गया छः पानी टैंकर-*
जानकारों कि मानें तो नगरपालिका बिजुरी द्वारा पानी वितरण करने के नाम पर गत जनवरी माह में छः टैंकर खरीदे गये थे। लेकिन उनमें से एक भी टैंकर आज तक नगरपालिका नही पहुंच पाया है। जिससे नगर भर में चर्चाओं का बाजार गरम है, कि नगरपालिका बिजुरी द्वारा खरीदा गया टैंकर आखिरकार गया कहां, या फिर कहीं केन्द्र सरकार के अधीन संचालित जेम पोर्टल के माध्यम से जैसे अन्य समानों कि खरीदी सहायक वर्ग 03 के कर्मचारी और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के नाम पर कागजों में किया गया है, वैसे ही कहीं टैंकर भी कागजों में खरीदकर शासकीय राशियों को हजम तो नही कर लिया गया है जिम्मेदारों द्वारा।
*बिना समान चल रहा काम-*
नगर पालिका बिजुरी में इन दिनों हालात ऐसे उत्पन्न है, कि पूरे वार्ड में कहीं भी अगर बोरवेल, स्ट्रीट लाईट जैसे अन्य समानों के खराब हो जाने पर नगरपालिका कर्मचारी पुराने समानों को लगाकर जबरन काम चला रहे हैं। और नही चला अगर काम तो ऐसे ही बदहाल हालत में छोड़ देते हैं। उन खराबियों को दूर करने के लिऐ अगर बार-बार निवेदन किया जाये इनके पास तो समानों कि सूची पकडा़ देने में भी गुरेज नही खा रहे हैं ये कर्मचारी।
*नालियों में नही हो रहा है दवाईयों का छिड़काव-*
नगरपालिका बिजुरी द्वारा नाली, सहित गंदगी युक्त स्थानों पर ब्लीचिंग पाऊडर, फिनायल कीटनाशक, इत्यादी का छिड़काव पूर्व में समय-समय पर किया जाता रहा है, लेकिन जबसे मुख्य नगरपालिका अधिकारी मीना कोरी ने पदभार ग्रहण किया तबसे ठीक 1 वर्ष 3 दिन बीत जाने के बाद भी कहीं भी ब्लीचिंग पाऊडर, फिनायल, मलेरिया नाशक दवाईयों का छिड़काव नही हो रहा है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि अन्य समानों कि तरह इन समानों की खरीदी भी कहीं सिर्फ कागजों में तो नही हुआ है।
*शासन-प्रशासन को भौतिक जांच करने कि है आवश्यक्ता-*
जिला व सम्भाग सहित पडो़सी राज्य छत्तीसगढ़ तक नगरपालिका बिजुरी के द्वारा किये जा रहे कारनामों कि चर्चाऐं जमकर हो रही है, जिसकी वास्तविक्ता का परीक्षण शासन-प्रशासन को गहनता के साथ करने कि आवश्यक्ता है, ताकी नगर भर में बढ़ रहे जन-आक्रोश को शांत किया जा सके साथ ही अपने विकाश कार्यों के लिये पूर्व में ख्याति प्राप्त रहे नगरपालिका बिजुरी कि वर्तमान में गिरती साख को बचाया जा सके
ख को बचाया जा सके।