सीएसपी कार्यालय को पार्किंग स्थल समझने वालों पर यातायात पुलिस का शिकंजा, 17 से अधिक चार पहिया वाहनों पर कार्रवाई घर में पार्किंग की जगह, फिर भी पुलिस कार्यालय परिसर में खड़े कर रहे थे वाहन, एएसआई शशि भूषण दुबे की अगुवाई में यातायात टीम ने हटवाए वाहन, दोबारा पार्किंग करने पर चालान और वाहन जब्ती की चेतावनी

0

सीएसपी कार्यालय को पार्किंग स्थल समझने वालों पर यातायात पुलिस का शिकंजा, 17 से अधिक चार पहिया वाहनों पर कार्रवाई
घर में पार्किंग की जगह, फिर भी पुलिस कार्यालय परिसर में खड़े कर रहे थे वाहन, एएसआई शशि भूषण दुबे की अगुवाई में यातायात टीम ने हटवाए वाहन, दोबारा पार्किंग करने पर चालान और वाहन जब्ती की चेतावनी
कटनी। शहर में यातायात नियमों के पालन और सार्वजनिक कार्यालयों को अनधिकृत पार्किंग से मुक्त कराने की दिशा में यातायात पुलिस ने एक ऐसी कार्रवाई की है, जिसने सरकारी कार्यालयों को निजी पार्किंग स्थल समझने वालों को स्पष्ट संदेश दिया है। कोतवाली थाना अंतर्गत नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) कार्यालय परिसर में लंबे समय से चार पहिया वाहनों की पार्किंग के कारण बन रही अव्यवस्था पर यातायात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 17 से अधिक वाहनों को हटवाया। जिन वाहन मालिकों से संपर्क हो सका, उन्हें तत्काल वाहन हटाने के निर्देश दिए गए, जबकि संपर्क नहीं हो पाने वाले वाहन मालिकों के वाहनों के चालान काटकर ऑनलाइन भेजे गए।

पुलिस कार्यालय बना था निजी वाहनों की पार्किंग का ठिकाना
नगर पुलिस अधीक्षक का कार्यालय कानून-व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र है, लेकिन परिसर में निजी चार पहिया वाहनों की पार्किंग के चलते इसकी स्थिति पार्किंग स्थल जैसी दिखाई देने लगी थी। बताया जाता है कि शहर में निर्धारित पार्किंग स्थलों की उपलब्धता और कई वाहन मालिकों के अपने घरों में पार्किंग की व्यवस्था होने के बावजूद, कुछ लोग अपने वाहन सीएसपी कार्यालय परिसर में खड़े कर रहे थे। इससे कार्यालय परिसर के उपयोग और व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे थे। यातायात पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया कि सरकारी कार्यालय का परिसर किसी की निजी पार्किंग नहीं है। यहां बिना अनुमति वाहन खड़ा करने की प्रवृत्ति को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

एएसआई शशि भूषण दुबे की अगुवाई में हुई कार्रवाई
इस कार्रवाई में एएसआई शशि भूषण दुबे की प्रमुख भूमिका रही। उन्होंने एएसआई अशोक सिंह और आरक्षक मंजा यादव के साथ मिलकर परिसर में खड़े चार पहिया वाहनों पर कार्रवाई की और कार्यालय को अनधिकृत पार्किंग से मुक्त कराया। वाहन मालिकों को समझाइश दी गई कि वे अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थल अथवा अपने भवन के भीतर उपलब्ध पार्किंग में ही खड़े करें। कार्रवाई के दौरान जिन वाहन मालिकों से संपर्क स्थापित हो सका, उन्हें तत्काल वाहन हटाने के निर्देश दिए गए। वहीं, जिनसे संपर्क नहीं हो पाया, उनके विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई और चालान ऑनलाइन भेजे गए।

दोबारा वाहन खड़ा किया तो चालान के साथ जब्ती की कार्रवाई
यातायात पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सीएसपी कार्यालय परिसर को पार्किंग स्थल के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। भविष्य में यदि कोई व्यक्ति यहां वाहन खड़ा करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर वाहन को झिंझरी स्थित यातायात थाने भेजने की कार्रवाई भी की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी संबंधित वाहन मालिक की होगी।

पुरानी व्यवस्था का भी हुआ जिक्र
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब एएसआई शशि भूषण दुबे कोतवाली थाने में पदस्थ थे, तब सीएसपी कार्यालय परिसर में इस तरह वाहनों की पार्किंग नहीं होती थी। मौजूदा कार्रवाई के दौरान उन्होंने अपने सहकर्मियों के साथ परिसर में खड़े वाहनों को हटवाकर व्यवस्था बहाल कराने की पहल की।

शहर के अन्य स्थानों के लिए भी संदेश
सीएसपी कार्यालय परिसर में हुई यह कार्रवाई उन वाहन मालिकों के लिए भी संदेश है, जो अपने घरों में पार्किंग की व्यवस्था होने के बावजूद सार्वजनिक अथवा सरकारी परिसरों को वाहन खड़ा करने का आसान विकल्प बना लेते हैं। यातायात व्यवस्था केवल सड़कों पर नियम लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्थलों के व्यवस्थित उपयोग और अनुशासन को बनाए रखना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

चार करोड़ के विकास कार्यों के बीच इस्तीफे का सियासी शोर, आखिर किसके इशारे पर चला दांव इंदिरा गांधी वार्ड के पार्षद बल्ली सोनी के आरोपों ने भाजपा की अंदरूनी राजनीति को फिर कटघरे में खड़ा किया 17 विकास कार्यों के लिए 392.14 लाख रुपये स्वीकृत, करीब 70 प्रतिशत काम पूरे या प्रगतिरत होने का दावा—फिर उपेक्षा का आरोप और कलेक्टर को इस्तीफा देने की घोषणा पर सवाल सत्तापक्ष में ही विपक्ष की भूमिका निभा रहा एक धड़ा, महापौर पर दबाव बनाने की रणनीति या संगठन को चुनौती देने का सियासी संकेत भूमिपूजन में पार्षद की मौजूदगी और तस्वीरें भी चर्चा में अब सवाल यह कि इस घटनाक्रम का राजनीतिक लाभ किसे मिलेगा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

चार करोड़ के विकास कार्यों के बीच इस्तीफे का सियासी शोर, आखिर किसके इशारे पर चला दांव इंदिरा गांधी वार्ड के पार्षद बल्ली सोनी के आरोपों ने भाजपा की अंदरूनी राजनीति को फिर कटघरे में खड़ा किया 17 विकास कार्यों के लिए 392.14 लाख रुपये स्वीकृत, करीब 70 प्रतिशत काम पूरे या प्रगतिरत होने का दावा—फिर उपेक्षा का आरोप और कलेक्टर को इस्तीफा देने की घोषणा पर सवाल सत्तापक्ष में ही विपक्ष की भूमिका निभा रहा एक धड़ा, महापौर पर दबाव बनाने की रणनीति या संगठन को चुनौती देने का सियासी संकेत भूमिपूजन में पार्षद की मौजूदगी और तस्वीरें भी चर्चा में अब सवाल यह कि इस घटनाक्रम का राजनीतिक लाभ किसे मिलेगा