अनोखी पहल: नियम तोड़ने वालों को सजा नहीं, मिला जीवन रक्षा का उपहार

शहडोल।परिवहन विभाग ने सोमवार को संभागीय मुख्यालय के सबसे व्यस्त गांधी चौक पर दोपहिया वाहन चालकों के लिए एक अलग तरह का अभियान चलाया। यह अभियान केवल नियमों की जांच या चालानी कार्रवाई के लिए नहीं, बल्कि लोगों को सड़क सुरक्षा के महत्व को समझाने और उन्हें सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती अनपा खान के नेतृत्व में विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारियों ने गांधी चौक पर सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान विशेष रूप से हेलमेट चेकिंग की गई। जिन वाहन चालकों ने हेलमेट नहीं पहना था, उन्हें न तो जुर्माने की रसीद थमाई गई और न ही कोई कड़ी कार्रवाई की गई। इसके बजाय उन्हें एक अमूल्य उपहार — हेलमेट भेंट किया गया।
अभियान में बिना हेलमेट के चलते पाए गए 10 वाहन चालकों को उपहार स्वरूप हेलमेट प्रदान किए गए। साथ ही, मौके पर मौजूद परिवहन अधिकारी और अन्य टीम सदस्यों ने उन्हें यह भी समझाया कि हेलमेट पहनना न केवल कानूनी नियमों का पालन है, बल्कि यह स्वयं की और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए अत्यंत जरूरी है।
इस कार्यक्रम में मनोज टीवीएस के संचालक एवं समाजसेवी मनोज गुप्ता, स्थानीय पत्रकार और क्षेत्र के बुद्धिजीवी भी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह तरीका न केवल लोगों को प्रेरित करेगा, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगा।
अभियान के दौरान परिवहन विभाग ने कई वाहन चालकों और आम नागरिकों से बातचीत की। उन्हें विस्तार से बताया गया कि सड़क पर हेलमेट का उपयोग किस तरह जीवन बचा सकता है। एक छोटा-सा सुरक्षा उपकरण किसी भी बड़े हादसे में गंभीर चोटों को रोक सकता है और परिवार को अपार दुख से बचा सकता है।
श्रीमती अनपा खान ने मौके पर उपस्थित नागरिकों से अपील की —”आपका जीवन आपके परिवार, समाज और देश के लिए बहुमूल्य है। सड़क पर निकलते समय हमेशा हेलमेट पहनें। यह केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि आपकी और आपके प्रियजनों की सुरक्षा की गारंटी है।”
इस अभियान ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि परिवहन विभाग केवल दंडात्मक कार्रवाई करने वाला संगठन नहीं है, बल्कि लोगों की जान बचाने और उन्हें सही दिशा दिखाने के लिए भी तत्पर है। गांधी चौक पर कुछ घंटों तक चले इस अभियान में दर्जनों लोगों को सड़क सुरक्षा का महत्व समझाया गया और यह बताया गया कि यातायात नियमों का पालन करना सिर्फ कानून का पालन नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक होने का प्रतीक है।
इस अनोखी पहल ने यह साबित किया कि कभी-कभी सजा की बजाय प्रोत्साहन और सकारात्मक संदेश लोगों के व्यवहार में अधिक प्रभावी बदलाव ला सकता है। हेलमेट भेंट करने जैसी पहल न सिर्फ नियम पालन की प्रेरणा देती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा के लिए दिल से चिंतित है।