सीता-राम स्वयंवर की कथा का व्यास जी ने किया वर्णन
(सूनील मिश्राा)
गोहपारू। नगर के समीपी ग्राम चुहिरी में श्री वाल्मीकि कथा का शनिवार को षष्टम दिवस श्रीराम-सीता स्वयंवर की कथा में कथा व्यास पूज्या आंचल शुक्ला द्वारा बताया गया कि सीता जी के मन में भी यही इच्छा जागृत थी कि भगवान राम से ही मेरा विवाह हो, इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए माता-सीता द्वारा मां गौरी जी का पूजन-अर्चन किया गया था। तत्पश्चात धनुष भंग होने के पश्चात भगवान राम अपने मर्यादा का पालन करते हुए सर्व शक्तिमान होते हुए भी ऋषी परशुराम जी से क्षमा मागते है और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते है। तत्पश्चात सप्तम दिवस की कथा में राम वन गमन, केवट प्रसंग, भरत मिलाप का वर्णन रविवार को सुनाया जाए।