रेल कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर WCRMS ने की द्वार सभा, लंबित मांगों के निराकरण की उठाई आवाज पदोन्नति, रिक्त पदों को भरने, स्थानांतरण और माइलेज भुगतान सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर रेल प्रशासन के खिलाफ जताई नाराजगी
रेल कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर WCRMS ने की द्वार सभा, लंबित मांगों के निराकरण की उठाई आवाज
पदोन्नति, रिक्त पदों को भरने, स्थानांतरण और माइलेज भुगतान सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर रेल प्रशासन के खिलाफ जताई नाराजगी
कटनी। पश्चिम मध्य रेलवे मजदूर संघ (WCRMS), कटनी द्वारा रेल कर्मचारियों की लंबित समस्याओं और रेल प्रशासन की कथित वादाखिलाफी के विरोध में 12 अक्टूबर 2026 को न्यू कटनी जंक्शन स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय के समक्ष द्वार सभा आयोजित की गई। सभा में ट्रेन मैनेजर संवर्ग, परिचालन एवं इंजीनियरिंग कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए उनके शीघ्र निराकरण की मांग की गई।
संघ ने कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर रेल प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार पत्राचार, व्यक्तिगत चर्चा और स्थायी वार्ता तंत्र (PNM) के माध्यम से समस्याओं से अवगत कराने के बावजूद उनका संतोषजनक समाधान नहीं हुआ है। इसी के विरोध में द्वार सभा आयोजित कर प्रशासन का ध्यान लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया गया।
पदोन्नति में देरी और रिक्त पदों का मुद्दा उठा
सभा में मेल/एक्सप्रेस तथा वरिष्ठ पैसेंजर ट्रेन मैनेजर के रिक्त पदों को भरने और योग्य कर्मचारियों की पदोन्नति सूची तत्काल जारी करने की मांग की गई। संघ के अनुसार, पर्याप्त संख्या में पात्र कर्मचारी उपलब्ध होने के बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है। कई कर्मचारियों से उच्च पद का कार्य लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें नियमित पदोन्नति का लाभ नहीं मिल रहा है।


जीरो माइलेज में ड्यूटी बुकिंग पर आपत्ति
ट्रेन मैनेजरों से MI, शटलर, शटलिंग और स्टेशनरी कार्य कराए जाने के बावजूद जीरो माइलेज (ZM) में बुकिंग किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। संघ ने नियमानुसार न्यूनतम 120 किलोमीटर माइलेज दिए जाने की मांग की।
वैगनों की तकनीकी जांच के आदेश पर जताई नाराजगी
सभा में BOXN/E वैगनों के दरवाजे, बॉडी और फर्श की जांच कर उन्हें लोडिंग के लिए उपयुक्त घोषित करने की जिम्मेदारी ट्रेन मैनेजरों को दिए जाने पर आपत्ति जताई गई। संघ का कहना है कि वैगनों के फर्श और अन्य तकनीकी हिस्सों की उचित जांच संबंधित तकनीकी कर्मचारियों द्वारा निर्धारित एग्जामिनेशन प्वाइंट पर की जानी चाहिए। इस संबंध में जारी आदेश को वापस लेने की मांग की गई।
लंबित स्थानांतरण और LDCE परीक्षा का मुद्दा
संघ ने कर्मचारियों के स्वयं के अनुरोध पर होने वाले अंतरमंडलीय एवं अंतररेलवे स्थानांतरण के लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की। न्यू कटनी जंक्शन के ट्रेन मैनेजर अभिषेक कुमार और राजा के स्पाउस ग्राउंड स्थानांतरण के मामलों को भी जल्द निपटाने की मांग उठाई गई। इसके अलावा, LDCE के तहत चयनित 21 कांटावालों को प्रशिक्षण और पोस्टिंग आदेश जारी होने के बाद भी कार्यमुक्त नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई गई। संघ ने LDCE परीक्षा दो बार रद्द होने का हवाला देते हुए परीक्षा जल्द आयोजित कराने और चयनित कर्मचारियों को तत्काल रिलीव करने की मांग की।
मदनमहल स्टेशन पर कार्य आवंटन और बुनियादी सुविधाओं का सवाल
सभा में मदनमहल स्टेशन पर कुछ कोचिंग गाड़ियों के ओरिजिनेटिंग और टर्मिनेटिंग प्वाइंट बनाए जाने के बाद ट्रेन मैनेजरों पर VG तथा T-81 F/A तैयार करने के लिए दबाव बनाए जाने का मुद्दा उठाया गया। संघ ने नियमों के अनुरूप कार्य आवंटन सुनिश्चित करने की मांग की। वहीं, न्यू कटनी जंक्शन के M.I. कार्यालय के सामने INS चेंजिंग प्वाइंट से डाउन मेन लाइन तक पक्का रास्ता बनाए जाने की मांग भी रखी गई, ताकि कर्मचारियों को आवागमन में सुविधा मिले और परिचालन में अनावश्यक देरी से बचा जा सके।
सुरक्षा श्रेणी के 602 पद रिक्त होने का दावा
संघ द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, मंडल में स्टेशन मास्टर के 644 स्वीकृत पदों में से 581 पद भरे हैं और 63 पद रिक्त हैं। वहीं, पॉइंट्समैन के 1,474 स्वीकृत पदों में से 935 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं और 539 पद खाली हैं। इस प्रकार दोनों श्रेणियों में कुल 602 पद रिक्त बताए गए हैं। संघ ने कहा कि सुरक्षा से जुड़े पदों पर कर्मचारियों की कमी से रेल परिचालन प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाना चाहिए।
लंबित समस्याओं के समाधान की मांग
द्वार सभा के माध्यम से WCRMS ने रेल प्रशासन से मांग की कि कर्मचारियों की पदोन्नति, माइलेज भुगतान, कार्य आवंटन, स्थानांतरण, LDCE और सुरक्षा श्रेणी के रिक्त पदों सहित सभी लंबित समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जाए। संघ ने कर्मचारियों के हितों से जुड़े इन मुद्दों पर ठोस कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया।