जब कटनी बनेगा कैलाश महाशिवरात्रि पर शिव-भक्ति, श्रद्धा और संस्कारों का महासंगम हर श्वास में ॐ नमः शिवाय, हर पथ पर महाकाल नगर में उतरेगा साक्षात् शिवत्व महाकाल की भाव–पालकी से लेकर भव्य जागरण तक 200 वर्ष प्राचीन मघई मंदिर महाशिवरात्रि पर बनेगा शिव-भक्ति का महासागर

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जब कटनी बनेगा कैलाश महाशिवरात्रि पर शिव-भक्ति, श्रद्धा और संस्कारों का महासंगम
हर श्वास में ॐ नमः शिवाय, हर पथ पर महाकाल नगर में उतरेगा साक्षात् शिवत्व
महाकाल की भाव–पालकी से लेकर भव्य जागरण तक
200 वर्ष प्राचीन मघई मंदिर महाशिवरात्रि पर बनेगा शिव-भक्ति का महासागर
.…इस महाशिवरात्रि पर नगर उसी दिव्य अनुभूति का साक्षी बनने जा रहा है, जहाँ कण-कण में शिव, क्षण-क्षण में भक्ति और जन-जन में महादेव की अनुभूति होगी। ऐसा प्रतीत होगा मानो कैलाश स्वयं नगर मे उतर आया हो और बाबा भोलेनाथ अपने भक्तों को स्नेहाशीष देने नगर भ्रमण पर निकले हों। कटनी का 200 वर्ष प्राचीन मघई मंदिर महाशिवरात्रि पर शिव-भक्ति का महासागर बन जाएगा। पुष्पों से सुसज्जित गर्भगृह, दीपों की ज्योति, घंटा-घड़ियालों की ध्वनि और वैदिक मंत्रों का नाद—सब मिलकर आत्मा को शिव से जोड़ देंगे…

कटनी।। फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि पर इस बार नगर संपूर्ण रूप से शिवमय होने जा रहा है। देवाधिदेव भगवान शिव की भक्ति, परंपरा और लोकआस्था का ऐसा अद्भुत दृश्य बनेगा, जहाँ हर गली चौराहा ॐ नमः शिवाय और हर हर महादेव के जयघोष से गूंज उठेगा। नगर में आयोजित हो रहे बहुआयामी धार्मिक कार्यक्रमों के केंद्र में श्री महाकाल सरकार सेवा समिति (रजी.) के तत्वावधान में होने वाला महाशिवरात्रि महोत्सव रहेगा, वहीं 200 वर्ष प्राचीन मघई मंदिर आस्था का प्रमुख धाम बनकर श्रद्धालुओं को शिव-भक्ति में सराबोर करेगा।
महाशिवरात्रि पर्व को लेकर नगर की विभिन्न आयोजन समितियों ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। सुरक्षा, स्वच्छता, प्रसाद, सजावट, भंडारा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ हर कार्य के लिए पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। लक्ष्य एक ही है श्रद्धालुओं को दिव्य, व्यवस्थित और अविस्मरणीय अनुभव।
महाकाल सरकार सेवा समिति के अंतर्गत भव्य कार्यक्रम
महाकाल गली, कटनी में चार दिवसीय आयोजन में भक्ति, संस्कृति और लोकपरंपरा का सुंदर समन्वय देखने को मिलेगा 14 फरवरी शाम 7 बजे से संगीत, मेहंदी एवं हल्दी कार्यक्रम
15 फरवरी: प्रातः 8 बजे: हवन–पूजन
सायं 4 बजे: बाबा महाकाल चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में भव्य नगर भ्रमण पालकी यात्रा
नगर भ्रमण उपरांत बाबा महाकाल–माता पार्वती का दिव्य विवाह, द्वारचार व धार्मिक अनुष्ठान
16 फरवरी दोपहर 12 बजे से : कन्या भोज एवं भंडारा
17 फरवरी दोपहर 12 बजे से : मातृशक्ति का सुहागले कार्यक्रम, तत्पश्चात ढोल–बैंड के साथ विसर्जन गाटर घाट/मसूहरा घाट हेतु कैलाश धाम प्रस्थान
200 वर्ष प्राचीन मघई मंदिर में महाशिवरात्रि महोत्सव
महाशिवरात्रि के दिन मघई मंदिर में पुष्प, दीप और विद्युत सज्जा से सुसज्जित परिसर में प्रातः से दर्शन, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक,दोपहर 1 बजे: वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महाअभिषेक,दोपहर 3 बजे: भगवान शिव की दिव्य बारात,सायंकाल: पंच महाआरती, प्रसाद वितरण,रात्रि 8 बजे से: भव्य जागरण…देशभर में शिवभक्ति से पहचान बना चुके सुप्रसिद्ध गायक किशन भगत की प्रस्तुति, जिनके लोकप्रिय भजन भोले का दीवाना और भोले को मानता हूँ भक्तों को भक्ति-रस में डुबो देंगे।
कटनी का गौरव: महाकाल की भाव–पालकी यात्रा
इस वर्ष नगर के लिए विशेष गौरव का क्षण होगा—भगवान महाकाल की भाव–पालकी यात्रा। यह यात्रा न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि नगर की सामूहिक आस्था, सांस्कृतिक एकता और परंपरा का प्रतीक भी है। जैसे-जैसे पालकी नगर पथों से गुजरेगी, वातावरण शिव-जयकारों से गूंज उठेगा और कटनी शिव में हो जाएगा। आयोजक समितियों ने समस्त शिवभक्तों से सपरिवार पधारने, व्यवस्थाओं में सहयोग करने और इस पावन पर्व को शांति, श्रद्धा और अनुशासन के साथ मनाने का आग्रह किया है। यह महोत्सव केवल आयोजन नहीं—आस्था की अनुभूति, परंपरा का उत्सव और भक्ति का महासंगम है।

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