किसी के घर दीप जले, किसी के चेहरे पर मुस्कान खिले….कटनी ब्लड डोनर सोसायटी ने गरीब बच्चों के बीच मनाई खुशियों वाली दिवाली झुकिया कांप गांव में 300 से 400 बच्चों और महिलाओं को बांटे कपड़े, मिठाई, खिलौने और पटाखे, मासूम चेहरों की मुस्कान ने बयां की दिवाली की असली खुशी
किसी के घर दीप जले, किसी के चेहरे पर मुस्कान खिले….कटनी ब्लड डोनर सोसायटी ने गरीब बच्चों के बीच मनाई खुशियों वाली दिवाली
झुकिया कांप गांव में 300 से 400 बच्चों और महिलाओं को बांटे कपड़े, मिठाई, खिलौने और पटाखे, मासूम चेहरों की मुस्कान ने बयां की दिवाली की असली खुशी
कटनी। दीपावली का असली उजाला सिर्फ घरों में जलने वाले दीयों से नहीं, बल्कि उन चेहरों पर खिलने वाली मुस्कान से होता है, जिनकी जिंदगी में खुशियां अक्सर संसाधनों की कमी के कारण दूर रह जाती हैं। इसी मानवीय संवेदना को चरितार्थ करते हुए कटनी ब्लड डोनर एंड वेलफेयर सोसायटी ने झुकिया कांप गांव में जरूरतमंद बच्चों और परिवारों के बीच पहुंचकर ऐसी दिवाली मनाई, जिसकी रोशनी शायद लंबे समय तक बच्चों के दिलों में जगमगाती रहेगी।
संस्था द्वारा संचालित ‘दिवाली दिल से–आओ मिलकर खुशियां बांटें’ अभियान के तहत इस वर्ष भी सेवा और समर्पण की अनूठी मिसाल पेश की गई। संस्था के सदस्य जब गांव पहुंचे तो उनके साथ सिर्फ उपहारों से भरी सामग्री ही नहीं थी, बल्कि उन बच्चों के लिए प्यार, अपनापन और खुशियों का संदेश भी था, जो शायद दीपावली पर ऐसे उपहारों की उम्मीद भी नहीं कर पाते।
शहर के दानदाताओं और समाजसेवियों के सहयोग से एकत्रित नए एवं अच्छी स्थिति के कपड़े, खिलौने, मिठाइयां, बिस्किट, नमकीन, पटाखे और बच्चों के उपयोग की अन्य सामग्री वितरित की गई। उपहार पाकर बच्चों के चेहरों पर जो चमक दिखाई दी, वह किसी बड़े आयोजन की भव्यता से कहीं अधिक अनमोल थी। किसी के हाथ में खिलौना था तो किसी के चेहरे पर नए कपड़े मिलने की खुशी, वहीं मिठाई और पटाखे पाकर बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। इस अभियान के माध्यम से लगभग 300 से 400 बच्चों एवं महिलाओं तक दीपावली की खुशियां पहुंचाई गईं। ग्रामीणों ने भी संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन जरूरतमंद परिवारों को यह एहसास कराते हैं कि समाज में उनकी खुशियों की भी उतनी ही अहमियत है। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि ‘दिवाली दिल से’ अभियान का उद्देश्य महज सामग्री बांटना नहीं, बल्कि समाज के उन परिवारों के बीच पहुंचना है, जिनकी खुशियों में आर्थिक अभाव अक्सर बाधा बन जाता है। दीपावली तभी सार्थक है, जब हमारे घरों के दीपक के साथ किसी जरूरतमंद के जीवन में भी खुशियों का उजाला पहुंचे। इस आयोजन की सबसे बड़ी ताकत शहर के दानदाताओं, समाजसेवियों और संस्था के समर्पित सदस्यों का सहयोग रहा। कटनी ब्लड डोनर सोसायटी ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे सामाजिक और जनकल्याणकारी अभियान जारी रखने का संकल्प दोहराया।
दरअसल, झुकिया कांप में मनाई गई यह दिवाली एक संदेश दे गई कि खुशियां खरीदने के लिए धन की नहीं, बल्कि बड़ा दिल रखने की जरूरत होती है। किसी जरूरतमंद बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाने से बड़ा दीपोत्सव शायद कोई दूसरा नहीं हो सकता।