तीन दिन से अंधेरे में विवेक नगर, कॉपर वायर चोरी से मचा हड़कंप; ग्रामीणों ने राजा कबाड़ी का नाम लेकर उठाए सवाल, थाना प्रभारी की पहल पर शुरू हुआ सुधार कार्य
अनूपपुर। जिले की ग्राम पंचायत देवरी अंतर्गत विवेक नगर स्थित कोल माइंस कॉलोनी में पिछले तीन दिनों से बिजली गुल होने के कारण ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बिजली आपूर्ति ठप होने से न केवल पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहा, बल्कि पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं भी प्रभावित हो गईं। लगातार परेशानी झेल रहे बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने चचाई थाना पहुंचकर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा और चोरी की घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, 33 केवी विद्युत केंद्र में अज्ञात चोरों ने घुसकर कॉपर वायर काट लिया। आरोपियों ने केंद्र का ताला भी तोड़ दिया। इस वारदात के चलते विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई और विवेक नगर के रहवासियों को तीन दिनों तक बिजली-पानी के संकट से जूझना पड़ा।
गर्मी, अंधेरे और पेयजल की समस्या ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
ग्रामीणों ने राजा कबाड़ी का नाम लेकर जताया संदेह
थाने पहुंचे ग्रामीणों ने क्षेत्र में सक्रिय कथित कबाड़ कारोबार और चोरी की गतिविधियों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने राजा कबाड़ी नाम के व्यक्ति का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वह कबाड़ का कारोबार संचालित करता है और उसके कई लोग क्षेत्र में सक्रिय बताए जाते हैं। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि विवेक नगर में कुछ ऐसे लोगों को बसाया गया है, जिनकी गतिविधियों पर उन्हें संदेह है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और किसी की संलिप्तता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों ने पुलिस से इस पूरे नेटवर्क की जांच कराने और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की है।
थाना प्रभारी की तत्परता से शुरू हुआ सुधार कार्य
ग्रामीणों की शिकायत पर थाना प्रभारी ने तत्काल संबंधित प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क साधा। विद्युत आपूर्ति बहाल कराने के लिए कॉपर वायर की व्यवस्था करने की दिशा में पहल की गई। इसका परिणाम यह रहा कि खबर लिखे जाने तक विद्युत केंद्र में नया कॉपर वायर लगाने का कार्य शुरू हो चुका था।
तीन दिनों से अंधेरे और पानी की समस्या झेल रहे ग्रामीणों को अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी की तत्परता की सराहना करते हुए मांग की है कि केवल बिजली व्यवस्था बहाल करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।