बच्चियों के इलाज के विवाद में ₹40 हजार की मांग का आरोप, इंटक जिलाध्यक्ष इदरीस अंसारी ने दोनों पक्षों को दी समझाइश

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ऑटो पलटने से घायल हुई थीं मजदूर की दो बेटियां, ऑटो मालिक ने कराया था इलाज; इंटक कार्यालय में शिकायत के बाद सामने आया विवाद

 

गौरेला। सड़क हादसे में घायल हुई दो बच्चियों के इलाज और आर्थिक सहायता को लेकर ऑटो मालिक और मजदूर के बीच विवाद का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत सारबहार निवासी मजदूर संत लाल नायक ने ऑटो मालिक पवन पंजाबी के खिलाफ राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के जिला कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में इंटक के प्रदेश सचिव एवं जिलाध्यक्ष इदरीस अंसारी ने दोनों पक्षों को बुलाकर उनका पक्ष सुना और आपसी समझाइश के जरिए विवाद समाप्त कराने का प्रयास किया।

 

हादसे के बाद अस्पताल पहुंचाई गईं बच्चियां

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले सप्ताह ग्राम पंचायत सारबहार निवासी संत लाल नायक की दो बेटियां ऑटो में सवार होकर फूल तोड़ने जा रही थीं। इसी दौरान ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे दोनों बच्चियां घायल हो गईं। हादसे के बाद ऑटो मालिक पवन पंजाबी ने बच्चियों को अस्पताल पहुंचाया और उनके इलाज की व्यवस्था कराई।

 

बताया गया कि बच्चियों के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान ऑटो मालिक ने परिवार के करीब 10 सदस्यों के लिए भोजन, नाश्ता और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था भी की। इसके अलावा मजदूर को खर्च के लिए नकद सहायता दिए जाने की बात भी सामने आई है।

 

₹40 हजार की मांग को लेकर विवाद

 

इसी बीच ऑटो मालिक और मजदूर के बीच आर्थिक सहायता को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। ऑटो मालिक की ओर से आरोप लगाया गया कि मजदूर संत लाल नायक ने उनसे 40 हजार रुपये की मांग की और रकम नहीं देने पर पुलिस-प्रशासन में शिकायत करने की बात कही। इसके बाद मजदूर ने सोमवार को इंटक के जिला कार्यालय पहुंचकर ऑटो मालिक के खिलाफ लिखित शिकायत प्रस्तुत की।

 

इदरीस अंसारी ने दोनों पक्षों का सुना पक्ष

 

शिकायत मिलने पर इंटक के प्रदेश सचिव एवं जिलाध्यक्ष इदरीस अंसारी ने ऑटो मालिक पवन पंजाबी से संपर्क कर मामले की जानकारी ली। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत में हादसे के बाद बच्चियों के इलाज और परिवार को दी गई सहायता से जुड़े तथ्यों पर चर्चा की गई।

 

बताया जाता है कि शिकायतकर्ता संत लाल नायक पूर्व में कई वर्षों तक इदरीस अंसारी के संपर्क में रहकर काम कर चुका है। इस कारण अंसारी उससे पहले से परिचित थे। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद उन्होंने मजदूर को समझाइश देते हुए कहा कि किसी भी विवाद का समाधान तथ्यों और उचित प्रक्रिया के आधार पर होना चाहिए। मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए गठित संगठन का उद्देश्य जरूरतमंदों को न्याय दिलाना है, न कि किसी पक्ष के साथ अन्याय होने देना।

 

पांच दिन बाद बच्चियों का चेकअप कराने के निर्देश

 

मामले में इदरीस अंसारी ने ऑटो मालिक पवन पंजाबी को डॉक्टरों की सलाह के अनुसार पांच दिन बाद दोनों बच्चियों का फॉलो-अप चेकअप कराने के लिए कहा। साथ ही मजदूर को बच्चियों के साथ घर जाने की सलाह दी। दोनों पक्षों के बीच बातचीत और समझाइश के बाद विवाद का पटाक्षेप कराया गया।

 

मजदूरों के अधिकार और निष्पक्षता पर जोर

 

इस प्रकरण में इदरीस अंसारी ने मजदूरों के हितों की रक्षा के साथ-साथ किसी भी शिकायत पर निष्पक्ष तरीके से दोनों पक्षों की बात सुनने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि किसी भी मामले में निर्णय तथ्यों के आधार पर होना चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

 

फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच समझाइश के बाद विवाद समाप्त होने की बात कही जा रही है। हालांकि, ₹40 हजार की मांग और कथित धमकी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

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