राधा आश्रम में…….पति-पत्नी और वो

(Amit Dubey-8818814739)
शहडोल। किसी समय जिले की टॉप 10 की राजनीति में शुमार नेता और नेत्री इस समय चर्चाओं का केन्द्र बिन्दु बने हुए है, नेत्री तो अभी तक पतिधर्म का पालन कर रही है, लेकिन नेताजी गृहस्थ आश्रम की जगह राधा आश्रम में आये दिन कृष्ण की भूमिका अदा करते नजर आते हैं। राधा आश्रम में रहने वाले अन्य किरायेदार आये दिन इस बात के गवाह बनते हैं कि बेटी के नाम पर नेताजी इस रिश्ते को कितना कलंकित करते हैं। हालाकि यह मामला बीच में थाने तक भी पहुंचा था, लेकिन नेताजी अपने डेली गेस्ट का हवाला देकर प्रशासन पर दबाव बनाने मे सफल होते रहे हैं।
घटना कुछ दिनों पहले की है आधी रात को ”पत्नी कथित बेटी ”वो” के पास पहुंच गई, अंदर क्या हो रहा था, उसके कई बार गवाह बन चुके राधा आश्रम के पुराने किरायेदार एक घंटे तक चले एपिसोड के पुन: गवाह बने, पत्नी ने तथाकथित बेटी को हद में रहने की समझाईश दी तो, बेटी ने अपने पिता बराबर उम्र के आशिक को बुला लिया। आशिक (पति) घटना क्रम की पूरी तस्वीर बदल गई, अब यहां पति और कथित नेताजी पिता की जगह दूसरी भूमिका में नजर आने लगे और जिसके साथ जीवन के लगभग 40 से 50 साल गुजारे उसी अर्र्धाग्री के ऊपर हाथ उठा दिया। घटना के कई गवाहों ने इस पूरे मामले को मोबाइल में कैद किया, हर तरफ से थाने में जाने की धमकियां दी जाती रही, लेकिन न तो कोई थाने गया और न ही पुलिस वहां आई। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा पहलू तो यह है कि संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस ने कभी भी कई शिकायतों के बाद भी कथित नेता बनाम आशिक की, बच्ची की उम्र की माशूका का वैरीफिकेशन नहीं किया, यह भी अनसुलझा सवाल है कि शहर से सैकड़ों किलोमीटर दूर से कथित युवती यहां कैसे आ गई। चर्चा तो यह भी है कि उसे किसी बाजार से खरीदकर लाया गया है या फिर शादी या उज्जवल भविष्य का सपना दिखाकर बातूनी नेताजी उसे यहां ले आये। यह भी जांच का विषय है, लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि पुलिस ने यदि समय रहते आये दिन होने वाली इस चिकचिक में हस्ताक्षेप नहीं किया तो पति-पत्नी और ”वो” का यह झगड़ा बड़ी वारदात का कारण बनेगा।

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