सरकारी गाड़ी छोड़कर मालवाहक में छिपी राजस्व टीम, तड़के 4 बजे रेत से लदे ट्रकों पर दबिश
जयसिंहनगर में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ रातभर चला निगरानी अभियान, एक चालक ट्रक लेकर भागा, दो वाहन कार्रवाई की जद में
शहडोल। जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई का तरीका बदलते हुए ऐसा अभियान चलाया, जिसकी चर्चा अब क्षेत्र में हो रही है। जयसिंहनगर क्षेत्र में रेत के अवैध परिवहन की सूचना पर राजस्व विभाग की टीम ने रातभर गोपनीय तरीके से निगरानी की। कार्रवाई को गोपनीय रखने के लिए टीम सरकारी वाहन से मौके पर नहीं पहुंची, बल्कि एक मालवाहक वाहन में छिपकर रेत से लदे वाहनों के आने का इंतजार करती रही।
तहसीलदार के नेतृत्व में नायब तहसीलदार शनि द्विवेदी सहित राजस्व अमला देर रात से ही संभावित मार्ग पर निगरानी में जुटा रहा। टीम ने मौके पर अपनी मौजूदगी छिपाए रखी, ताकि रेत परिवहन से जुड़े लोगों को कार्रवाई की जानकारी पहले से न मिल सके।
सुबह 4 बजे पहुंचने लगे रेत से लदे वाहन
बताया गया कि तड़के करीब 4 बजे रेत से लदे वाहन मौके पर पहुंचे। जैसे ही राजस्व टीम ने कार्रवाई शुरू की, एक वाहन चालक टीम को देखकर मौके से ट्रक लेकर भाग निकला। कार्रवाई के दौरान उसने रेत डंप करने का प्रयास भी किया। हालांकि टीम ने पीछा करते हुए दूसरे वाहन को पकड़ लिया।
इसी कार्रवाई के दौरान रेत से भरे एक अन्य वाहन को भी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। जब्त वाहनों के संबंध में राजस्व विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई से ज्यादा चर्चा में आया ‘अंडरकवर’ तरीका
इस पूरे अभियान में सबसे खास बात यह रही कि टीम ने सरकारी वाहन का इस्तेमाल करने के बजाय मालवाहक वाहन में छिपकर निगरानी की। आमतौर पर सरकारी वाहनों को देखते ही अवैध परिवहन में शामिल लोग सतर्क हो जाते हैं और वाहन मौके से हटाने की कोशिश करते हैं। इसी आशंका को देखते हुए टीम ने अपनी पहचान और मौजूदगी को गोपनीय रखा।
सरकारी वाहन देखते ही कैसे मिल जाती है सूचना?
इस कार्रवाई ने रेत के अवैध कारोबार पर निगरानी के साथ-साथ एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है। आखिर सरकारी अमले के मौके पर पहुंचने से पहले ही रेत परिवहन से जुड़े लोगों को कार्रवाई की भनक कैसे लग जाती है? क्या अवैध कारोबारियों का सूचना तंत्र इतना मजबूत है कि प्रशासनिक टीम की गतिविधियों की जानकारी उन्हें पहले ही मिल जाती है?
फिलहाल जयसिंहनगर में हुई कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग की निगरानी व्यवस्था और अवैध रेत परिवहन से जुड़े नेटवर्क को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन की आगामी कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि जब्त वाहनों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और फरार चालक तक टीम कब पहुंचती है।