…तो कांग्रेस से बढ़ेंगे शोभा -भाजपा नही लगाना चाह रही नकली पर दांव…!!

0

निर्दलियों के सहारे मिलेगा धनपुरी नगर को प्रथम व्यक्ति

(शुभम तिवारी+7879308359)
धनपुरी। 2004 और 2012 में धनपुरी नगरपालिका की सत्ता पर भाजपा का अध्यक्ष जनता ने चुना था, लेकिन 2022 में जो चुनाव संपन्न हुए हैं, उसमें जनता ने पार्षदों के भाग्य का फैसला तो कर दिया है, लेकिन अब अध्यक्ष के भाग्य का फैसला पार्षदों को करना है। यही कारण है कि अब हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि नगरपालिका में कांग्रेस या भाजपा दोनों में किसका अध्यक्ष विराजमान होगा। वैसे इस बार जो निकाय के चुनाव हुए उसमें धनपुरी नगर में कांग्रेस एकजुटता का संदेश देते हुए चुनाव लड़ा। उसी का नतीजा है ,उसे सफलता भी अधिक मिली।
कांग्रेस-भाजपा प्रयासरत
28 पार्षदों वाली नगर पालिका में कांग्रेस के 13 पार्षद चुनकर आए जबकि भाजपा को उम्मीद से कम सफलता मिली और उसके 9 पार्षद ही चुनकर नगरपालिका पहुंचे।06 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों का कब्जा हुआ और अब अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के भाग का फैसला निर्दलीय पार्षदों को ही करना है। यही कारण है कि निर्दलीय प्रत्याशियों को अपनी तरफ मिलाने को लेकर अंदर ही अंदर कांग्रेस- भाजपा दोनों ही प्रयासरत देखे जा रहे हैं। कांग्रेस के लिए अध्यक्ष की कुर्सी पाना इतना कठिन नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि उनके 13 पार्षद पहले ही जीत दर्ज कर चुके हैं और उन्हें 2 पार्षदों का समर्थन चाहिए।
कांग्रेस की शोभा बढ़ाने की तैयारी
नपा चुनाव के नतीजे आने के बाद जहां जीते हुए प्रत्याशियों को लेकर कांग्रेस समर्थन जुटाने को लेकर प्रयासरत है और कुछ हद तक सफल भी हो चुकी है। कांग्रेस की तरफ से अध्यक्ष पद को लेकर एक नाम जिस पर पूरी तरह से सहमति बन चुकी है, वह वार्ड 3 से पार्षद चुने गए तीन वार के उपाध्यक्ष शोभाराम पटेल का है। बताया जाता है कि चुनाव में टिकट वितरण के समय पर ही कांग्रेस में प्रत्याशियों के साथ बैठक करके अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के लिए जीत के बाद नाम तय कर लिए थे। कहीं ना कहीं अब वह इसी बात पर कायम रहते हुए अपनी आगे की रणनीति बनाती हुई देखी जा रही है। वैसे तो कांग्रेस से अध्यक्ष पद को लेकर कुछ और नामों पर चर्चा सुनी जा रही है, लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इन बातों से पूरी तरह से इंकार कर रहे हैं। अध्यक्ष पद पर देखा जाए तो शोभाराम पटेल का दावा सबसे अधिक मजबूत है। कांग्रेसी पार्षदों का भी पूरी तरह से उन्हें समर्थन देखा जा रहा है।
निर्दलीयों के सहारे स्कंद के अध्यक्ष की तैयारी
कांग्रेस- भाजपा दोनों ही अध्यक्ष पद को लेकर जोड़-तोड़ का खेल शुरू कर दिए हैं। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद 5 अगस्त से पहले धनपुरी नगर की जनता को अपना प्रथम नागरिक मिल जाएगा और अध्यक्ष की कुर्सी पर कौन विराजमान होगा इस पर से भी तस्वीर साफ हो जाएगी। वहीं भाजपा से अध्यक्ष पद को लेकर जो 2 नाम सामने आ रहे हैं, उनमें तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष रविंदर कौर छाबड़ा का पहला नाम है। भाजपा के 9 पार्षद चुनकर आए हैं, लेकिन निर्दलीय पार्षदों का समर्थन जुटाकर भाजपा कहीं ना कहीं अध्यक्ष पद पर अपना दावा मजबूत करने का प्रयास कर रही है। अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा से दूसरा नाम स्कंद सोनी का भी आ रहा है। स्कंद सोनी कहीं ना कहीं वह भाजपा संगठन में अपनी स्थिति मजबूत बनाने में सफल हो सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि कम पार्षद होने के बाद भी यदि अध्यक्ष की तैयारी तो की जा सकती है लेकिन इसके बाद वह अध्यक्ष पद को लेकर किसी भी तरह का जोखिम उठाना नहीं चाहते,असली और नकली पिछड़ा वर्ग के अलावा कांग्रेस के द्वारा पूर्व और वर्तमान के निकाले गए शपथ पत्रों का मामला भी अध्यक्ष के चुनाव से पहले न्यायालय तक पहुंच सकता है, वही है बात भी सामने आई कि यदि पूर्व में हुए भ्रष्टाचार के मामले और उनके आरोप यदि प्रमाणित होते हैं तो भारतीय जनता पार्टी की पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है, इसलिए भाजपा अध्यक्ष पद को लेकर फूंक फूंक कर कदम रखना चाहती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed