प्लास्टिक के स्पीड बे्रकर की गुणवक्ता की खुली पोल
शहडोल। नगर के प्रमुख मार्गों सहित पुलिस अधीक्षक के बंगले के सामने तेजी से दौडऩे वाले वाहनों की गति पर अंकुश लगाने के लिए बीते दिनों प्लास्टिक के स्पीड ब्रेकर लगाए गए थे। स्पीड ब्रेकर लगने के बाद मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की गति कम हो गई थी। लगभग 10 दिन पहले लगाए प्लास्टिक के स्पीड ब्रेकर अब खराब हो गए है। कई स्थानों पर स्पीड ब्रेकर टूटने से बीच में से निकल गए है। स्पीड ब्रेकर निकलने के बाद इसकों लगाने के लिए मार्ग पर ठोकी गई कील से आवाजाही में दिक्कत होने लगी है। पुलिस अधीक्षक के बंगले के अलावा अन्य मार्गाे पर यातायात विभाग द्वारा प्लास्टिक के ब्रेकर लगाए गए थे। ब्रेकर की गुणवक्ता इतनी अच्छी थी कि पुराने ब्रेकर से पहले नये ब्रेकरों की धज्जियां उड़ चुकी है, जिससे अब दोबारा मार्ग पर वाहनों की गति के साथ ही दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। पुलिस अधीक्षक के बंगले के पास टूटे हुए ब्रेकर देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि दोयम दर्जे के ब्रेकरों पर विभाग ने खर्चा कर दिया। मजे की बात तो यह है कि नगर पालिका के कर्मचारी प्रतिदिन सडक़ों पर झाडूं लगाते हैं, लेकिन विभाग के इन नमूनों को वहीं छोड़ दिया गया है, हालाकि अगर दुर्घटना होती है या वाहनों को छति होती है तो, इसकी जिम्मेदारी वाहन मालिक की होगी। वहीं दूसरी ओर ऐसे टूटे हुए स्पीड ब्रेकर के बीच में से वाहन निकालने में भी दिक्कत होने लगी है। इसके बाद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
मार्ग पर लगाए स्पीड ब्रेकर टूटने के बाद से अब वाहनों की गति तेज हो गई है। ऐसे में अब हादसे भी होने की आशंका बढ़ गई है, मजे की बात तो यह है कि यातायात विभाग द्वारा कप्तान के बंगले के सामने वाहनों की गति नियंत्रित करने स्पीड ब्रेकर तो लगाया था, इस स्थान के अलावा भी कई ऐसे स्थान हैं, जहां स्पीड ब्रेकर की आवश्यकता थी, लेकिन वहां पर स्पीड ब्रेकर नहीं लगाया गया, हालाकि कप्तान को खुश करने या विभाग को मिले उच्च गुणवक्ता युक्त स्पीड ब्रेकर की गुणवक्ता को मापने के लिए लगाये गये स्पीड ब्रेकर की गुणवक्ता की पोल संभवत: 10 दिन में खुलकर सामने आ गई, ब्रेकर टूटे होने के बाद इस मार्ग से कप्तान के अलावा जिले के मुखिया गुजरते हैं, जागरूक लोगों का कहना है कि जिम्मेदारों को लगाये गये स्पीड ब्रेकरों पर हालाकि फर्क होगा कि वह समय से टूट गये, जिससे उनकी गुणवक्ता सामने आ गई। शहर के अंदरूनी मार्गों पर लगाए गए प्लास्टिक ब्रेकर वाहनों के टायर को पंक्चर कर रहे हैं, दरअसल बीते दिनों के अलावा शहर में डेढ़-दो वर्ष पहले भी स्पीड ब्रेकर के विकल्प के रूप में प्लास्टिक वाले ब्रेकर लगाए गए थे। अब इनमें से ज्यादातर ब्रेकर बीच-बीच से टूट गए हैं या फिर उखड़ चुके हैं। लेकिन उसके अंदर के कीलनुमे पुर्जे फंसे ही हैं। यही कील वाहनों के टायर को पंक्चर कर रहे हैं। हालाकि जानकारों की माने तो प्लास्टिक के ब्रेकरों को सीमेंट या अन्य किसी चीज से जाम करना चाहिए, जिससे अगर बे्रकर खराब होता है तो, राहगीरों को परेशानी न हो, लेकिन संभागीय मुख्यालय में ही कीलों के माध्यम से स्पीड ब्रेकर को जाम किया गया था, लेकिन अब स्पीड ब्रेकर के टूटने के बाद यह राहगीरों के लिए समस्या का सबब बने हुए हैं।