परिजनों ने उठाई जांच की मांग

शहडोल। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 में शहडोल से अनूपपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर चचाई थाना अंतर्गत ग्राम बकही में बीते दिवस ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे चालक की मौत हो गई, घटना रविवार दोपहर 03 बजे के आसपास की बताई गई है। ट्रैक्टर चालक अशोक टंडी गंभीर रूप से घायल हो गया था, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना तो यह भी है कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी, लेकिन ट्रैक्टर के मालिक लालजी सिंह ने पूरे मामले पर पर्दा डालने के लिए आनन-फानन में लाश को मेडिकल कॉलेज भेज दिया और वाहन परीक्षण कराया जाने लगा, दूसरी तरफ ट्रैक्टर को बिना पुलिस को सूचना दिए राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 के समीप पलटने के बाद सीधा करवाया गया और उसे छुपा दिया गया, इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब चालक के परिजन और उसके आसपास में रहने वाले लोगों को इसकी जानकारी लगी कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया है या फिर उसकी मौत हो चुकी है। सोमवार को सुबह मामले में तूल पकड़ा वार्ड के पार्षद अयोध्या प्रसाद के साथ ही स्थानीय नेता महेंद्र सिंह, सरोज यादव, बृजेश किशन यादव तथा अन्य समाजसेवी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घर वालों को सांत्वना दी और उन्हें हर संभव मदद दिलाने का यकीन दिलाया, भाजपा नेताओं ने यह भी यकीन दिलाया कि उसके परिवार जनों को हर संभव मदद मिलेगी, दूसरी तरफ यह बताया गया कि उक्त ट्रैक्टर क्रमांक एमपी 18 एए 7162 ओरिएंट पेपर मिल के द्वारा ठेके पर लगाया गया था, लालजी नामक ठेकेदार के द्वारा यह ट्रैक्टर कॉलोनी क्षेत्र के अंतर्गत कचरा संग्रहण कर उसे फेंकने के लिए लगाया गया था, जांच के दौरान यह भी बातें सामने आई कि लालजीत सिंह ने उक्त ट्रैक्टर को ओरियंट पेपर मिल से अनुबंध करके व्यावसायिक कार्य पर लगाया था, लेकिन आज भी ट्रैक्टर एग्रीकल्चर अर्थात कृषि में रजिस्टर्ड है और उसका बीमा भी बीते 03 सालों से नहीं कराया गया था, परिवहन विभाग की ऑनलाइन साइट इस बात को बताती है कि 14 मार्च 2020 को उक्त ट्रैक्टर का बीमा खत्म हो चुका था और ट्रैक्टर कृषि कार्य हेतु पंजीकृत थी ठेकेदार द्वारा शासन को बेवकूफ और आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन कमर्शियल अर्थात व्यावसायिक में नहीं कराया गया था, कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर आज भी पंजीकृत है और उसे व्यावसायिक उपयोग लिया जा रहा था दूसरी तरफ यह भी बात सामने आई कि जब दुर्घटना कारित हुई तो चचाई थाना को इसकी सूचना नहीं दी गई और न हीं पुलिस का इंतजार किया गया साथियों को छुपाने के लिए लालजी सिंह ने इस पूरे मामले पर्दा डालने के लिए आनन-फानन में ट्रैक्टर को वहां से हटा दिया और यह भी बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर बदलने का प्रयास किया जा रहा है। इधर काफी संख्या में लोग जब मृतक के घर पर पहुंच गए और वहां उसके परिजनों की चीख पुकार मच गई तो डैमेज कंट्रोल में लालजी सिंह और उनके तथा पुत्र जो नगर परिषद में उपाध्यक्ष भी है। वह मौके पर पहुंच गया और उन्हें झूठे दिलासे और जब से कुछ नोट निकाल कर चुप करने की नीयत से देता नजर आया हालांकि पूरे मामले के संदर्भ में स्थानीय जनों ने कलेक्टर अनूपपुर और पुलिस अधीक्षक अनूपपुर को अवगत कराकर उनसे न्याय की मांग की है। स्थानीय जनों की मांग है कि जब ट्रैक्टर का पंजीयन कृषि कार्य में आज भी दर्शा रहा है, तो इसका व्यावसायिक उपयोग क्यों किया जा रहा था यह भी बताया गया कि उसका बीमा नहीं है, और बिना बीमा के आखिर गाड़ी ओरिएंट पेपर मिल के अनुबंध पर कैसे दौड़ रही थी, हालांकि यह सब चर्चा के विषय हैं। आने वाले दिनों में ऊंट किस करवट बैठता है उसके परिजन क्या मांग करते हैं इस मामले में बीमा कंपनी क्या मृतक को न्याय दिला पाएगी यह देखने का विषय है।

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