कलेक्टर ने शासकीय आवास का व्यावसायिक उपयोग करने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ के शासकीय आवास के आवंटन को किया निरस्त, अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव संभागायुक्त जबलपुर को भेजा तीन सदस्यीय जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर ने की कार्यवाही

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कलेक्टर ने शासकीय आवास का व्यावसायिक उपयोग करने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ के शासकीय आवास के आवंटन को किया निरस्त, अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव संभागायुक्त जबलपुर को भेजा

तीन सदस्यीय जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर ने की कार्यवाही
कटनी।। कलेक्टर अवि प्रसाद ने जिला चिकित्सालय मे पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ श्रद्धा द्विवेदी को आवंटित शासकीय आवास गृह का व्यावसायिक उपयोग किये जाने पर सिविल लाईन स्थित आवंटित शासकीय आवास एफ-1 का आवंटन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। साथ ही अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु प्रस्ताव संभायुक्त जबलुपर को भेजा है। कलेक्टर ने यह कार्यवाही जिला चिकित्सालय में ग्राम पटुरिया तहसील बहोरीबंद की मरीज को भर्ती के उपरांत निजी चिकित्सालय में प्रसव जांच कराने हेतु आशा कार्यकर्ताओं द्वारा संपर्क करने की शिकायत के संबंध की जांच हेतु गठित तीन सदस्यीय जांच दल द्वारा दिये गए जांच प्रतिवेदन के आधार पर किया है। जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन मे उल्लेखित किया गया है कि स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ श्रद्धा द्विवेदी द्वारा जांच दल के समक्ष कथन किया गया है कि वे कार्य पूर्ण होने के बाद दोपहर 1 बजे घर चलीं गईं व दोपहर लगभग 3 बजे महिला सविता कोल उनके पास जांच करवाने आई जिसका परीक्षण कर उनके द्वारा सोनोग्राफी कराने की सलाह दी गई।
राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए जारी आदेश के अनुसार चिकित्सकों को निजी प्रेक्टिस केवल कर्तव्य की अवधि के बाहर करने की ही अनुमति है। किंतु डॉ.श्रद्धा द्विवेदी के द्वारा कर्तव्य अवधि में न केवल अपने शासकीय आवास पर निजी प्रेक्टिस की गई बल्कि शासकीय चिकित्सालय के भर्ती मरीज का परीक्षण कर उनसे जांच फीस के रूप मे 300 रूपये की राशि भी ली गई। जांच दल के समक्ष इस संबंध में आशा कार्यकर्ता ग्राम पडुरिया श्रीमती कल्पना दुबे द्वारा भी यह स्वीकार किया गया कि उन्होंने कुछ मरीजों की डॉ श्रद्धा द्विवेदी के शासकीय आवास पर प्राईवेट जांच कराई है। साथ ही प्रत्येक माह लगभग 2 से 3 केस ओ.पी.डी से लेकर डॉ द्विवेदी को दिखाया है। जांच दल द्वारा कलेक्टर श्री प्रसाद के समक्ष प्रस्तुत प्रतिवेदन से स्पष्ट प्रतीत होना पाया गया कि डॉ श्रद्धा द्विवेदी द्वारा सिविल लाईन में उनको आवंटित शासकीय आवास एफ-1 का व्यावसायिक उपयोग किया गया है। जबकि शासकीय आवास आवंटन इस शर्त के साथ किया गया था कि वे शासकीय आवास का व्यावसायिक उपयोग नहीं करेंगी। डॉ. द्विवेदी द्वारा आवास आवंटन आदेश की शर्त क्रमांक 7 का उल्लंघन करते हुए शासकीय आवास गृह का व्यावसायिक उपयोग किया गया है। इसलिए वे शर्त क्रमांक 9 के अनुसार शासकीय आवास की पात्रता हेतु निरर्हित हो गई है। इसके परिपेक्ष्य मे कलेक्टर श्री प्रसाद ने आवास अवंटन की शर्त का उल्लंघन व शासन के आदेश के विपरीत कार्य करने पर डॉ श्रद्धा द्विवेदी को आवंटित शासकीय आवास एफ-1 का आवंटन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। साथ ही शासकीय आवास को तीस दिवस के भीतर रिक्त कर आधिपत्य आवास शाखा कलेक्ट्रेट कटनी को सौपना सुनिश्चित करने का भी आदेश जारी किया है।

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