ब्रेकिंग न्यूज़ | शहडोल कोनी गांव में सीवर लाइन कार्य के दौरान बड़ा हादसा, दो मजदूर मिट्टी में दबे
रिपोर्टर – अनिल तिवारी
सीवर लाइन खुदाई में बड़ा हादसा: तीन घंटे बाद भी मिट्टी के नीचे दबे मजदूरों की नहीं मिली लाशें, ग्रामीणों में आक्रोश
शहडोल। जिले के सोहागपुर थाना अंतर्गत कोनी गांव में बुधवार को सीवर लाइन डालने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। सीवर की नाली की खुदाई के दौरान दो मजदूर लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में मिट्टी के नीचे दब गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। तीन घंटे से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन अब तक मजदूरों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
घटना कैसे हुई?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नगर में चल रहे सीवर लाइन प्रोजेक्ट के तहत गुजरात की एक निजी ठेका कंपनी स्नेहल कंस्ट्रक्शन द्वारा जेसीबी मशीन से खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान मिट्टी धंस गई और दो मजदूर मलबे में दब गए। बताया जा रहा है कि एक मजदूर कोटमा गांव का रहने वाला है, जबकि दूसरे की पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
प्रशासन और राहत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और नगर पालिका की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
शहडोल कलेक्टर डॉ. केदार सिंह,
पुलिस अधीक्षक राम जी श्रीवास्तव,
एसडीएम अरविंद शाह,
नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जयसवाल,
सीएमओ अक्षत बुंदेला,
सोहागपुर थाना प्रभारी भूपेन्द्र मणि मिश्रा
और कोतवाली प्रभारी रावेंद्र तिवारी
घटनास्थल पर मौजूद हैं और राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
दो जेसीबी मशीनों की मदद से लगातार मलबा हटाया जा रहा है। तीन घंटे बाद भी शवों को बाहर नहीं निकाला जा सका है, जिससे परिजनों और ग्रामीणों में गहरी बेचैनी है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
ग्रामीणों ने प्रोजेक्ट में हो रही अनियमितताओं को लेकर गहरी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि सीवर लाइन प्रोजेक्ट करीब तीन साल से चल रहा है, लेकिन काम धीमी गति और भारी लापरवाही से किया जा रहा है।
“हर बार हादसे होते हैं, लेकिन किसी की जवाबदेही तय नहीं होती।” – स्थानीय ग्रामीणों का आरोप।
प्रोजेक्ट का बैकग्राउंड
शहडोल नगर में सीवर लाइन डालने का कार्य मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी द्वारा वर्ष 2021 में शुरू किया गया था। करीब 199 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को गुजरात की स्नेहल कंपनी को सौंपा गया था।
जून 2025 में यह कार्य पूरा होना था, लेकिन समयसीमा खत्म होने के बाद भी एक्सटेंशन देकर कंपनी को काम जारी रखने की अनुमति दे दी गई।
भीड़ और सुरक्षा
घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा है। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और रेस्क्यू टीम को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा रहा है।
अंतिम अपडेट
तीन घंटे बीत जाने के बाद भी दबे हुए मजदूरों को बाहर नहीं निकाला जा सका है। राहत और बचाव कार्य तेज किया जा रहा है। प्रशासन ने जल्द से जल्द मलबा हटाने और शवों को निकालने के निर्देश दिए हैं।