S I R की भेंट चढ़े दो शिक्षक : कलेक्टर ने किया निलंबित 

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शहडोल। निर्वाचन से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 में लापरवाही सामने आने पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. केदार सिंह ने चुनावी कार्यों में गंभीर उदासीनता दिखाने वाले दो प्राथमिक शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदान सूची से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिन शिक्षकों को निलंबित किया गया है, उनमें उषा पारस, प्राथमिक शिक्षक, शा. प्रा. विद्यालय पाण्डवनगर शहडोल, और मान सिंह धुर्वे, प्राथमिक शिक्षक, प्रा. शा. सिन्दुरी भरी शामिल हैं। इन दोनों पर यह आरोप है कि निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों और समयसीमा का पालन नहीं किया गया तथा मतदाता सूची के सत्यापन और अद्यतन कार्य को गंभीरता से नहीं निभाया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई घरों का सत्यापन अधूरा था, फॉर्मों का संधारण ठीक से नहीं किया गया और दस्तावेजों की फीडिंग भी समय पर पूरी नहीं की गई।
कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने दोनों शिक्षकों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत निलंबित किया है। यह वही नियम है जिसके तहत किसी भी सरकारी कर्मचारी को गंभीर कदाचार पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा सकता है। कलेक्टर ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण लोकतांत्रिक व्यवस्था की जड़ है और इसमें छोटी-सी गलती भी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिलेभर में नियमित निरीक्षण और समीक्षा चल रही है। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, प्रशासन इसी तरह की कठोर कार्रवाई करेगा। कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों, बीएलओ और संबंधित कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि वे अपने दायित्व पूरी निष्ठा से निभाएं, अन्यथा सख्त दंडात्मक कार्रवाई से बचना संभव नहीं होगा।
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग और चुनावी अमले में खलबली मच गई है। यह कदम आगामी चुनाव तैयारी को सुदृढ़, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से उठाया गया माना जा रहा है।

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