लैपटॉप से बनाई फर्जी जॉइनिंग, SBI से 10.50 लाख का एक्सप्रेस लोन लेकर फरार महिला नर्मदापुरम से गिरफ्तार
शहडोल। फर्जी नियुक्ति आदेश और पे-स्लिप के सहारे बैंक से 10 लाख 50 हजार 500 रुपए का लोन लेकर फरार हुई महिला को सोहागपुर पुलिस ने सायबर सेल की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपिया ने खुद को एमपीईबी में पदस्थ बताकर एसबीआई से एक्सप्रेस क्रेडिट लोन लिया था। 2 सितंबर 2025 को एसबीआई कुदरी रोड शाखा के प्रबंधक क्रांति कुमार साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी कि विशाखा दांगी , निवासी ग्राम मानेगांव पोस्ट जैतपुर कोपरा, तहसील देवरी जिला सागर ने बिजली विभाग अनूपपुर में नियुक्ति का फर्जी आदेश और वेतन पर्ची प्रस्तुत कर बैंक से 10 लाख 50 हजार 500 रुपए का एक्सप्रेस क्रेडिट लोन प्राप्त किया।
बैंक द्वारा दस्तावेज सत्यापन के बाद लोन स्वीकृत किया गया, लेकिन कुछ समय बाद जब किश्तें जमा नहीं हुईं तो जांच कराई गई। संबंधित विभाग से पुष्टि करने पर सामने आया कि महिला बिजली विभाग में पदस्थ ही नहीं है और उसके द्वारा लगाए गए सभी दस्तावेज फर्जी हैं। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 336(3), 338, 340(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना प्रभारी अरुण पांडेय ने विशेष टीम गठित की। टीम में सहायक उप निरीक्षक संतोष कोल, प्रधान आरक्षक राजकुमार जायसवाल, मुकेश पटेल, महिला आरक्षक मेनका धूमकेती एवं सायबर सेल के आरक्षक केशव धाकड़ शामिल रहे। तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर 21 फरवरी को आरोपिया को नर्मदापुरम स्थित किराये के मकान से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि पैसों की जरूरत के चलते उसने योजना बनाकर अपने लैपटॉप से पूर्व जारी एमपीईबी नियुक्ति आदेश को एडिट कर फर्जी जॉइनिंग लेटर तैयार किया था। साथ ही बैंक में ऑफर लेटर और बैंक स्टेटमेंट जमा कर एक्सप्रेस लोन स्वीकृत कराया। लोन की पूरी राशि उसने निजी खर्च में उपयोग कर ली।