कर्मचारी समस्या निवारण शिविर में निगमायुक्त ने सुनीं कर्मचारियों की समस्याएँ,समय-सीमा में निराकरण के दिए निर्देश, पेंशन व भत्तों से जुड़े प्रकरणों पर हुई सुनवाई
कर्मचारी समस्या निवारण शिविर में निगमायुक्त ने सुनीं कर्मचारियों की समस्याएँ,समय-सीमा में निराकरण के दिए निर्देश, पेंशन व भत्तों से जुड़े प्रकरणों पर हुई सुनवाई
कटनी।। नगर पालिक निगम में कार्यरत वर्तमान एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु कार्यालय के एमआईसी कक्ष में कर्मचारी समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में निगमायुक्त तपस्या परिहार के समक्ष कर्मचारियों एवं पेंशनरों ने अपने आवेदन प्रस्तुत किए।
निगमायुक्त ने सभी आवेदनों पर धैर्यपूर्वक सुनवाई करते हुए संबंधित विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। शिविर के दौरान लगभग 19 लिखित आवेदनों के साथ-साथ मौखिक शिकायतों पर भी सुनवाई की गई। शिविर में पेंशन की रोकी गई 10 प्रतिशत राशि के भुगतान, चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ, सीपीएफ, जीपीएफ, ईपीएफ, बीमा राशि, परिवार कल्याण निधि, वाहन भत्ता, गृह भाड़ा भत्ता सहित अन्य सेवा संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। निगमायुक्त ने निर्देशित किया कि मार्च माह में प्रस्तावित आगामी शिविर से पूर्व सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जाए। निगमायुक्त ने यह भी कहा कि जिन मामलों में आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में भोपाल स्तर पर कार्यवाही लंबित है, उन आवेदकों को तत्काल सूचित किया जाए तथा आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर शाखा के कर्मचारी को भोपाल भेजकर प्रकरणों का समाधान सुनिश्चित किया जाए। वहीं कर्मचारियों द्वारा आकस्मिक अवकाश स्वीकृति की वर्तमान प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों की जानकारी दिए जाने पर निगमायुक्त ने अवकाश स्वीकृति प्रक्रिया को सरल किए जाने का आश्वासन भी दिया। इस अवसर पर उपायुक्त शैलेष गुप्ता सहित विभिन्न शाखाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कर्मचारी एवं पेंशनर संघ ने जताया आभार
समस्या निवारण शिविर में नगर निगम पेंशनर संघ अध्यक्ष गणेश बिचपुरिया, कर्मचारी संघ अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा तथा पारसनाथ प्रजापति ने कर्मचारी हितैषी शिविर के आयोजन हेतु निगमायुक्त का आभार व्यक्त किया। शिविर के दौरान कार्यालय अधीक्षक नागेन्द्र पटेल, लेखापाल श्रीकांत तिवारी सहित लेखा शाखा, विधि विभाग, पेंशन शाखा, स्थापना शाखा एवं अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं लिपिक उपस्थित रहे।