15 करोड़ से अधिक के गबन का मामला: रामाबाई क्रिश्चियन अस्पताल प्रकरण में अब्राहम क्रिस्टी और प्रयास कुमार प्रकाश गिरफ्तार, FIR में चौंकाने वाले खुलासे
शहडोल शहर के बहुचर्चित रामाबाई क्रिश्चियन अस्पताल गबन प्रकरण में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। करीब 15 करोड़ 39 लाख 80 हजार रुपये के कथित गबन के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी अब्राहम क्रिस्टी और प्रयास कुमार प्रकाश को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला थाना कोतवाली शहडोल में दर्ज अपराध क्रमांक 870/22 से जुड़ा हुआ है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है।
मामले में सामने आई FIR और दस्तावेजों के अनुसार यह पूरा विवाद रामाबाई क्रिश्चियन अस्पताल के संचालन और उससे जुड़े वित्तीय अधिकारों को लेकर हुए MOU (समझौता ज्ञापन) और उसके बाद हुए कथित वित्तीय दुरुपयोग से जुड़ा हुआ है। दस्तावेजों के अनुसार, अस्पताल का संचालन NMSI (National Missionary Society of India) नामक संस्था के अधीन बताया गया है, जो इस संस्थान की मालिक संस्था है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
FIR में दर्ज विवरण के अनुसार रामाबाई क्रिश्चियन अस्पताल के संचालन को लेकर वर्ष 2012 में एक MOU किया गया था। यह समझौता NMSI संस्था और अस्पताल के संचालन से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच हुआ था। समझौते के अनुसार अस्पताल के प्रशासन और संचालन के लिए कुछ व्यक्तियों को जिम्मेदारी दी गई थी।
बताया गया है कि इस MOU के तहत अस्पताल के संचालन, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों के लिए स्पष्ट नियम और शर्तें तय की गई थीं। लेकिन बाद में आरोप लगा कि इन नियमों का उल्लंघन करते हुए अस्पताल से जुड़े वित्तीय लेन-देन में भारी अनियमितताएं की गईं।
FIR में उल्लेख है कि अस्पताल की संपत्ति, बैंक खातों और वित्तीय संसाधनों का उपयोग नियमों के विपरीत किया गया, जिससे संस्था को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
15 करोड़ से अधिक की राशि के गबन का आरोप
FIR में यह भी उल्लेख किया गया है कि जांच के दौरान यह पाया गया कि करीब 15,39,80,000 रुपये की राशि का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया। आरोप है कि अस्पताल से जुड़े आर्थिक संसाधनों का उपयोग संस्था के हितों के विपरीत करते हुए निजी और अनधिकृत कार्यों में किया गया।
दस्तावेजों के अनुसार, अस्पताल की आय, दान और अन्य वित्तीय स्रोतों से प्राप्त राशि के उपयोग में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
शिकायत में कहा गया है कि संस्था के नियमों और MOU की शर्तों का उल्लंघन करते हुए वित्तीय लेन-देन किए गए, जिससे संस्था को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति हुई।
MOU के नियमों का उल्लंघन
FIR के अनुसार MOU में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख था कि अस्पताल की संपत्ति, आय और संसाधनों का उपयोग केवल संस्था के निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
इसके बावजूद आरोप है कि संबंधित व्यक्तियों ने बिना अनुमति के कई वित्तीय निर्णय लिए और संस्थान की संपत्ति एवं आय का उपयोग नियमों के विरुद्ध किया।
दस्तावेजों में यह भी कहा गया है कि MOU की कुछ महत्वपूर्ण शर्तों का उल्लंघन करते हुए अस्पताल की वित्तीय व्यवस्था में बदलाव किए गए और संस्था की अनुमति के बिना आर्थिक निर्णय लिए गए।
‘ब्रीच ऑफ ट्रस्ट’ और धोखाधड़ी के आरोप
FIR में आरोप लगाया गया है कि अस्पताल के संचालन से जुड़े कुछ जिम्मेदार लोगों ने संस्था द्वारा दिए गए अधिकारों का दुरुपयोग किया।
दस्तावेजों के अनुसार यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विश्वासघात (Breach of Trust), धोखाधड़ी (Cheating) और संस्थान की संपत्ति के दुरुपयोग के आरोप भी शामिल हैं।
इसी आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
मुख्य आरोपी कौन हैं
इस मामले में प्रयास कुमार प्रकाश और अब्राहम क्रिस्टी को मुख्य आरोपी बताया गया है।
दस्तावेजों के अनुसार दोनों पर आरोप है कि उन्होंने अस्पताल के संचालन से जुड़े अधिकारों का उपयोग करते हुए वित्तीय नियमों का उल्लंघन किया और संस्थान को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य और दस्तावेज मिलने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
लंबे समय से चल रही थी जांच
इस प्रकरण में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस द्वारा वित्तीय दस्तावेजों, बैंक खातों, प्रशासनिक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही थी।
जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज सामने आए, जिनके आधार पर आरोपियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
सूत्रों के अनुसार मामले में आर्थिक लेन-देन से जुड़े कई दस्तावेजों की जांच की गई, जिससे कथित गबन का मामला सामने आया।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कथित गबन में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
मामले में आगे क्या होगा
इस बहुचर्चित मामले में अब पुलिस द्वारा वित्तीय जांच को और विस्तृत करने की तैयारी की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि अस्पताल के वित्तीय लेन-देन में किन-किन स्तरों पर अनियमितताएं हुईं और किन लोगों की भूमिका इसमें रही।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।