महिला स्व सहायता समूहों द्वारा संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों का कलेक्टर-सीईओ ने किया अवलोकन

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मो शाकिब खान 

गौरेला पेंड्रा मरवाही, 12 मार्च 2026/ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अन्तर्गत पेण्ड्रा विकासखण्ड के विभिन्न पंचायतों में महिला स्व सहायता समूहों द्वारा संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों का कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी और जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे ने अवलोकन किया। उन्होंने सागर महिला स्व सहायता समूह नवागांव द्वारा परम्परागत रुप से चाक से बनाए जा रहे मिटटी के विभिन्न पात्रों एवं ईट निर्माण, महाशिवरात्रि महिला स्व सहायता समूह कुदरी द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शैचालय सह दुकान में से दुकान किराए पर लेकर प्रारम्भ किए गए चाय नाश्ता एवं डेली नीड्स व्यवसाय, जय मॉं संतोषी स्व सहायता समूह भाड़ी द्वारा चाट-फुल्की एवं मुर्गी पालन व्यवसाय, तुलसी महिला स्व सहायता समूह देवरीखुर्द द्वारा सब्जी बाड़ी का अवलोकन किया और ग्राम पंचायत कोटमी की महिला स्व सहायता समूहों द्वारा की जा रही सिलाई, किराना, मनिहारी, सिंघाड़े की खेती, मछली पालन आदि आजीविका गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।

कलेक्टर ने नवागांव की सागर महिला स्व सहायता समूह द्वारा बड़ी मात्रा में निर्मित मिटटी के विभिन्न पात्रों-घड़ा, दीया, परई, कलश, जवारा कलश तथा ईट का अवलोकन किया। महिलाओं ने बताया कि दिपावली, नवरात्रि सहित विभिन्न अवसरों पर मांग के आधार पर मिटटी के पात्र बनाए जाते हैं, इससे उनकी आय भी अच्छी हो जाती है। इस व्यवसाय से वे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। कलेक्टर ने गर्मी के मौसम में शीतल पेयजल के लिए समूह की महिलाओं से स्वयं मिटटी का घड़ा खरीदा। उन्होंने समूह की गतिविधि निर्वाध रुप से चलती रहे और उन्हें मिटटी उपलब्ध हो सके, इसके लिए सरपंच को मिटटी की उपलब्धता के लिए भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव भेजने कहा। 

कलेक्टर ने होटल व्यवसाय से जुड़ी कुदरी की महाशिवरात्रि स्व सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा कर उनके आय-व्यय की जानकारी ली और सरपंच को बिलजी, पानी आदि सुविधांए उपलब्ध कराने कहा। निरीक्षण के दौरान जय मॉं संतोषी स्व सहायता समूह भाड़ी की महिलाओं ने बताया की मुर्गी पालन व्यवसाय से उन्हें हर पीक में 60 से 70 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है। इसी तरह देवरीखुर्द की तुलसी स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा लगभग 2 से 3 एकड़ क्षेत्र में सब्जी की खेती की जा रही है। वर्तमान में उनके द्वारा गर्मी मौसम वाली कददू और करेले की खेती की गई है। कलेक्टर ने समूह की महिलाओं से सब्जी बाड़ी के तौर तरीके, खाद्य, पानी, दवाई आदि के बारे में जानकारी ली और उन्हें उद्यानिकी फलसों की खेती से आय बढ़ाने के लिए फलदार पौधे भी लगाने की सलाह दी। निरीक्षण के दौरान जिला आजीविका मिशन प्रबंधक श्री डीएस सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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