गांव-गांव पहुंची ज्योति कलश यात्रा, धार्मिक वातावरण के साथ समाज जागरण का संदेश
प्रशांत कुमार मिश्रा मरवाही
श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना, “हम बदलेंगे—युग बदलेगा” का दिया संदेश
अखिल विश्व गायत्री परिवार के जनक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी द्वारा 1926 में हिमालय से उनके गुरुदेव द्वारा दिया गया ज्योति हरिद्वार लेकर आए तब से आज तक 100 साल पूरे हो गए अखंड ज्योति सतत जल रहा अखंड ज्योति के शताब्दी वर्ष एवं माता जी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में पूरे देश के हर गांव हर घर तक अखंड ज्योति दर्शन के लिए ले जाया जा रहा है इसी कड़ी में ग्राम सिवनी में….. भव्य आयोजन किया गया।अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आयोजित इस यात्रा का गांव में भ्रमण कराया गया, जहां ग्रामीणों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ इसका स्वागत किया।
गांव-गांव पहुंच रही इस यात्रा ने क्षेत्र में धार्मिक आस्था और सामाजिक जागरण का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। विशेष रूप से सुसज्जित वाहन में स्थापित ज्योति कलश के दर्शन के लिए महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार, समाज और राष्ट्र के कल्याण की कामना की।
यात्रा में शामिल वाहन को फूल-मालाओं, धार्मिक ध्वजों और प्रेरणादायक संदेशों से सजाया गया था। कार्यक्रम के दौरान लाउडस्पीकर के माध्यम से भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक प्रवचन प्रस्तुत किए गए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
आयोजकों ने “युग निर्माण योजना” के अंतर्गत व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण, समाज निर्माण और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया। साथ ही “हम बदलेंगे—युग बदलेगा, हम सुधरेंगे—युग सुधरेगा” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को आत्मपरिवर्तन और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया गया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में युवाओं से नशामुक्ति, नैतिकता और सेवा भाव अपनाने का आह्वान किया। महिलाओं की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ यात्रा में भाग लिया।
ग्रामीणों ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और जागरूकता को भी बढ़ावा देते हैं। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर प्रसाद वितरण भी किया गया और पूरे कार्यक्रम में अनुशासन व शांतिपूर्ण माहौल बना रहा।
समापन:
ज्योति कलश यात्रा ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक चेतना का संदेश देते हुए लोगों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।