बड़े हनुमान मंदिर में नवसंवत्सर का दिव्य उत्सव भक्ति में डूबेगा शहर धाम में होंगा दिव्यता का महाआयोजन कमानिया गेट स्थित बड़े हनुमान मंदिर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम
हिन्दू नववर्ष पर आस्था का महासंगम: –
बड़े हनुमान मंदिर में नवसंवत्सर का दिव्य उत्सव भक्ति में डूबेगा शहर धाम में होंगा दिव्यता का महाआयोजन
कमानिया गेट स्थित बड़े हनुमान मंदिर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम
कटनी।। हिन्दू नववर्ष के पावन अवसर पर शहर का प्रसिद्ध आस्था केंद्र श्रीश्री 1008 सिद्धिपीठ दक्षिण मुखी बड़े हनुमान जी मंदिर, कमानिया गेट भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर होने जा रहा है। मंदिर समिति के तत्वाधान में 19 मार्च को एक दिवसीय भव्य धार्मिक आयोजन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें शहर के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहेगी।
इस दिव्य आयोजन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त से होगी, जब भगवान हनुमान जी का विधिवत अभिषेक और अलौकिक श्रृंगार किया जाएगा। जैसे ही प्रभात की पहली किरण मंदिर परिसर को स्पर्श करेगी, वैसे ही वातावरण में भक्ति, मंत्रोच्चार और आस्था की अनुगूंज फैलने लगेगी। पूरे दिन विशेष पूजन-अनुष्ठान, वैदिक मंत्रों के साथ सम्पन्न होंगे, जिससे मंदिर परिसर एक आध्यात्मिक ऊर्जा केंद्र में परिवर्तित हो जाएगा।
शाम के समय भक्ति अपने चरम पर पहुंचेगी जहाँ
शाम 6 बजे से राम नाम संकीर्तन,शाम 7 बजे से 11 हनुमान चालीसा पाठ,वेद मंत्रों के मध्य दीप प्रज्वलन और रात्रि 8 बजे भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसके उपरांत रात्रि 8:30 बजे से विशाल प्रसाद वितरण किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालु भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।
मंदिर समिति के अनुसार, यह आयोजन केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन नहीं, बल्कि भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा और भक्ति की अलख जगाने का एक पावन प्रयास है। ऐसी मान्यता है कि जब भक्त सच्चे मन, समर्पण और विश्वास के साथ भगवान को अपना मानकर उनके चरणों में प्रार्थना करता है, तो बजरंगबली उसकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं और जीवन के संकटों को दूर कर देते हैं। यह आयोजन न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति प्रदान करेगा, बल्कि समाज में एकता, सकारात्मकता और धर्म के प्रति जागरूकता का संदेश भी देगा। मंदिर समिति ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भक्ति का लाभ लें और हिन्दू नववर्ष का स्वागत भगवान की कृपा के साथ करें।