सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटना जन्य क्षेत्रों में सुधारात्मक उपाय करने के निर्देश*

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मोहम्मद शाकिब खान मुख्य संवाददाता गौरेला

 

गौरेला पेंड्रा मरवाही, 30 मार्च 2026/जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटना जन्य क्षेत्रों में सुधारात्मक उपाय करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार खिलारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित बैठक में गतवर्षों में घटित दुर्घटनाओं का विश्लेषण कर दुर्घटनाओं की रोकथाक के लिए कारगर उपाय करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि दुर्घटनाओं के वर्षवार आकड़े बढ़ना चिंताजनक है। उन्होंने आमजनों से यातायात नियमों का पालन कराने, दो पहिया वाहन चालकों को अनिवार्य रुप से हेलमेट पहनने, यातायात संकेतक बोर्ड लगाने, चौक-चौराहों पर समुचित प्रकाश व्यवस्था तथा सड़क सुरक्षा एवं जन जागरुकता के निर्देश दिए।

बैठक में कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण, पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं यातायात पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए गए सुधारात्मक उपायों की जानकारी दी गई। जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि मोटरयान अधिनियम के तहत वर्ष 2026 में 25 मार्च की स्थिति में 1287 विभिन्न प्रकरणों में 2 लाख 32 हजार 400 रुपये की चलानी कार्रवाई की गई है। इनमें बिना हेलमेट के 99 प्रकरणों में 49 हजार 500 रूपए, दो पहिया वाहन में तीन सवारी के 25 प्रकरणों में 7 हजार 500 रुपये, बिना सीट बेल्ट के 5 प्रकरणों में 2 हजार 500 रूपए, प्रतिबंधित क्षेत्र (नो एन्ट्री) में वाहन प्रवेश के 7 प्रकरणों में 14 हजार रूपए, बिना लायसेंस के 4 प्रकरणों में 4 हजार रूपए, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करने के 1 प्रकरण में 1 हजार रुपये, तेज गती से वाहन चलाने के 1 प्रकरण में 1 हजार रुपये, अवैध पार्किंग के 10 प्रकरणों में 3 हजार रुपये तथा अन्य 1135 प्रकरणों में 1 लाख 49 हजार 900 रुपये की चलानी कार्रवाई की गई है। बैठक में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा, एसडीएम पेण्ड्रारोड विक्रांत अंचल सहित यातायात, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, ग्रामीण यांत्रिकी, शिक्षा, नगरीय प्रशासन, विभाग के अधिकारी तथा सभी तहसीलदार एवं थाना प्रभारी उपस्थित थे।

संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत सूचकांक आधारित समग्र विकास को मिल रही गति* गौरेला पेंड्रा मरवाही, 30 मार्च 2026/ आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत गौरेला विकासखंड में 28 जनवरी से सूचकांक आधारित योजनाबद्ध एवं परिणामोन्मुख कार्यवाही निरंतर जारी है, जो आगामी 14 अप्रैल तक चलेगा। अभियान को पूर्णतः इंडिकेटर आधारित बनाते हुए विभिन्न विभागों द्वारा चिन्हित प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है। अभियान के अंतर्गत 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से नियमित पूरक पोषण उपलब्ध कराना, बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन, सभी केंद्रों में कार्यशील शौचालय एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना, विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था तथा पशुधन में एफएमडी टीकाकरण का पूर्ण कवरेज जैसे प्रमुख सूचकांक पर विशेष फोकस किया जा रहा है।इन लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पशुपालन एवं पंचायत विभाग के समन्वित प्रयासों से विभिन्न गतिविधियाँ निरंतर संचालित की जा रही हैं।विभागीय समन्वय, जनभागीदारी एवं सतत प्रयासों के माध्यम सशक्त, परिणामोन्मुख एवं जन-केंद्रित पहल के रूप में उभर रहा है, जो समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा नियमित मूल्यांकन कर अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। अभियान की शुरुआत ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता एवं शिक्षा से संबंधित व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रमों, शपथ ग्रहण एवं प्रशिक्षण सत्रों के साथ की गई। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व के विशेष दिवसों से जोड़ते हुए सुनियोजित कार्ययोजना के तहत आगे बढ़ाया गया, जिससे अभियान में निरंतरता एवं व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हुई। संपूर्णता अभियान के दौरान 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस पर स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविर, 11 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका दिवस पर किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम, 28 फरवरीको राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल से संबंधित गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इसी तरह 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस,16 मार्च को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस, 22 मार्च को विश्व जल दिवस और 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस पर थीम आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरूकता को बढ़ावा दिया गया। अभियान के दौरान आगामी चरणों में 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस,10 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस और 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक समावेशन एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच को अंतिम छोर तक सुनिश्चित करने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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