सिवनी के सिलवारी डोंगरी टोला। वार्ड नं 17 में लगभग हफ़्ते भर से ब्लैकआउट: भीषण गर्मी में बिना बिजली-पानी तड़प रहे लोग, प्रशासन मौन
गारंटी पीरियड में है खराब हुआ ट्रांसफार्मर, इंजीनियर ने जल्द बदलने का दिया भरोसा; स्थानीय लोगों ने कहा- कागजी प्रक्रिया छोड़ तत्काल बहाल हो बिजली
सिवनी (मरवाही)। ग्राम पंचायत सिवनी का सिलवारी डोंगरी टोला वार्ड नं 17 में पिछले करीब एक सप्ताह से पूरी तरह अंधेरे में डूबा हुआ है। मोहल्ले का मुख्य बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से यहां के निवासी इस भीषण गर्मी में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बिजली गुल होने से इलाके में पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, वहीं दूसरी तरफ छोटे बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों की सेहत पर भी बहुत बुरा असर पड़ रहा है।
गर्मी में बिलख रहे बच्चे, रात में जहरीले जीवों का डर
स्थानीय महिलाओं ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि पिछले 5-6दिनों से बिजली नहीं आने के कारण घरों में पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मचा हुआ है। रात के समय पूरा मोहल्ला अंधेरे के साए में रहता है, जिससे सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा हर वक्त बना रहता है। महिलाओं का कहना है कि भीषण उमस और मच्छरों के कारण छोटे बच्चे रात भर सो नहीं पा रहे हैं और बीमार पड़ रहे हैं।
वार्ड पंच ने लगाया अनदेखी का आरोप, लाइनमैन का टालमटोल रवैया
मामले को लेकर वार्ड पंच मेवा सिंह मार्को ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने की जानकारी तुरंत सरपंच और बिजली विभाग के लाइनमैन को दी गई थी। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लाइनमैन द्वारा ग्रामीणों को यह कहकर टरकाया जा रहा है कि नया ट्रांसफार्मर आने में कम से कम 1 से 2 हफ्ते का समय लगेगा। ग्रामीणों का सवाल है कि इस भीषण गर्मी में वे इतने दिन बिना बिजली-पानी के कैसे रहेंगे?
जला हुआ बॉक्स बयां कर रहा है हकीकत
घटनास्थल पर देखा जा सकता है कि बिजली के खंभे पर लगा मुख्य जंक्शन बॉक्स पूरी तरह से जलकर खाक हो चुका है। इससे साफ पता चलता है कि यह हादसा ओवरलोडिंग या शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ है। पूरी तरह ठप पड़ा यह सिस्टम बिजली विभाग की लापरवाही और मेंटेनेंस की कमी को साफ उजागर करता है।
इंजीनियर का पक्ष: गारंटी पीरियड में है ट्रांसफार्मर, प्रक्रिया जारी
जब इस समस्या को लेकर बिजली विभाग के जिम्मेदार इंजीनियर साहब से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि खराब हुआ ट्रांसफार्मर अभी ‘गारंटी पीरियड’ में है। विभागीय नियमों के अनुसार इसे निर्माता कंपनी को वापस करना होगा, जिसके बाद ही नया ट्रांसफार्मर मिल सकेगा। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए इंजीनियर साहब ने आश्वासन दिया है कि कागजी कार्रवाई को जल्द से जल्द पूरा कर ट्रांसफार्मर बदला जाएगा और बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से चालू की जाएगी।
जिला प्रशासन से त्वरित राहत की मांग
यह मामला सीधे तौर पर गरीब और वंचित वर्ग की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा हुआ है। स्थानीय जनता और जागरूक नागरिकों ने जिला कलेक्टर और विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से अपील की है कि वे कागजी और तकनीकी नियमों का हवाला देकर जनता को परेशान न करें। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए मोहल्ले में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कर बिजली और पानी की सप्लाई चालू की जाए ताकि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।