प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) भारत सरकार की एक प्रमुख स्वास्थ्य पहल है

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प्रशांत कुमार मिश्रा संवाददाता 

गौरेला पेंड्रा मरवाही/ सिवनी (मरवाही)

गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व प्रदान करना और मातृ व शिशु मृत्यु दर को कम करना है। यह योजना सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान करती है।

 

योजना की मुख्य विशेषताएं:

निःशुल्क स्वास्थ्य जांच: प्रत्येक माह की 9 तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व देखभाल (Antenatal Care – ANC) सेवाएं निःशुल्क प्रदान की जाती हैं।

विशेषज्ञ परामर्श: जांच ओबीजीवाई (OBGY) विशेषज्ञों, स्त्री रोग विशेषज्ञों या चिकित्सा अधिकारियों द्वारा की जाती है।

लक्ष्य समूह: मुख्य रूप से गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही (4 महीने के बाद) की महिलाओं पर केंद्रित है।

उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (HRP) की पहचान: इस अभियान का उद्देश्य उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की शीघ्र पहचान करना और उनका उचित प्रबंधन करना है।

निजी डॉक्टरों की भागीदारी: निजी क्षेत्र के डॉक्टरों को भी स्वैच्छिक रूप से सरकारी केंद्रों पर सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

लाभ:

गर्भावस्था के दौरान कम से कम एक बार प्रसूति विशेषज्ञ/चिकित्सा अधिकारी द्वारा जांच सुनिश्चित की जाती है।

निःशुल्क सोनोग्राफी और परामर्श।

पात्रता:

यह योजना सभी गर्भवती महिलाओं के लिए उपलब्ध है।

विशेष रूप से उन महिलाओं को लक्षित करती है जिन्हें प्रसव पूर्व देखभाल तक आसानी से पहुंच नहीं है।

 

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अलावा, भारत सरकार ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)’ के तहत गर्भवती महिलाओं को पोषण के लिए ₹5,000 की नकद सहायता भी प्रदान करती है।

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