BILASPUR /KOTA BREAKING -रेत माफिया को मालूम है साहब शनिवार रविवार को पूरे अमले के साथ छुट्टी में रहते हैं।तब चालू होता है अवैध रेत परिवहन का काम।
BILASPUR /KOTA BREAKING -रेत माफिया को मालूम है साहब शनिवार रविवार को पूरे अमले के साथ छुट्टी में रहते हैं।तब चालू होता है अवैध रेत परिवहन का का
अधिकारी-कर्मचारियों की छुट्टी शुरू होते ही रेत माफियाओं का ताबड़तोड़ उत्खनन जारी
कोटा/बिलासपुर। शनिवार से रविवार तक अधिकांश अधिकारी-कर्मचारियों की छुट्टी का फायदा उठाकर क्षेत्र में रेत माफियाओं द्वारा अवैध उत्खनन का खेल खुलेआम जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जैसे ही शासकीय अमला अवकाश पर जाता है, रेत माफिया पूरे सप्ताह की भरपाई करने के लिए बड़े पैमाने पर उत्खनन और परिवहन शुरू कर देते हैं।
क्षेत्र में कहीं मुरुम का अवैध खनन हो रहा है तो कहीं रात के अंधेरे में रेत निकालकर उसे सीमावर्ती जिलों और मध्यप्रदेश में चार गुना कीमत पर बेचा जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार अरपा नदी के ग्राम टाटीधार, भस्को, लठौरी, आमागोहन, खोंगसरा और जलदापारा में सबसे अधिक अवैध उत्खनन हो रहा है। आरोप है कि यह कार्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पंचायत स्तर के प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से संचालित किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि निकाली गई रेत को जोबाटोला (केंवची) और पीपरखूटी मार्ग से दूसरे जिलों (जीपीएम, अनूपपुर) तथा मध्यप्रदेश भेजा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय लगातार ट्रैक्टर और अन्य वाहन रेत परिवहन करते देखे जा सकते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने में गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
खनिज विभाग पर भी सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिला सहायक खनिज अधिकारी शबीना खान को कई बार अवैध रेत उत्खनन की सूचना दी गई, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि हर बार किसी न किसी कारण का हवाला देकर कार्रवाई टाल दी जाती है।
सुशासन तिहार के दौरान क्षेत्र में बैरियर स्थापित करने की मांग को लेकर आवेदन भी दिया गया था। आरोप है कि इस पर विभाग की ओर से जवाब मिला कि बैरियर लगाना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है और सरकार चाहेगी तभी इसकी व्यवस्था हो सकेगी।
रिपोर्टर ने रोकी रेत से भरी ट्रैक्टरों की खेप
जानकारी के अनुसार एक रिपोर्टर ने रेत से भरे लगभग 10 ट्रैक्टरों के काफिले को रोककर जानकारी लेने का प्रयास किया। इस दौरान एक चालक ने बताया कि ट्रैक्टर राकेश बैगा का है और उन्हीं से बात करनी होगी।
दूसरे चालक ने कहा कि संबंधित रेत भंवरटंक पंचायत के कार्य के लिए ले जाई जा रही है और इस संबंध में सरपंच पति सम्मार सिंह से चर्चा की जा सकती है।
वहीं तीसरे चालक ने किसी प्रकार की जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि “हम सब साथ हैं, आप बात कर लो, मैं कुछ नहीं बताऊंगा।”
बड़ा सवाल
रात के अंधेरे में लगातार निकाली जा रही यह रेत आखिर कहां जा रही है? यदि पंचायत कार्यों के लिए उपयोग हो रही है तो संबंधित स्वीकृति और दस्तावेज सार्वजनिक क्यों नहीं किए जा रहे? और यदि यह अवैध परिवहन है तो जिम्मेदार विभाग कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा?
क्षेत्र के ग्रामीणों ने अवैध उत्खनन की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।