CM हेल्पलाइन भी बेअसर? झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता का आरोप
कोटा/बेलगहना, बिलासपुर। कोटा विकासखंड में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ लगातार शिकायतों, मीडिया रिपोर्ट और विभागीय निर्देशों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगातार उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभा रहा है, जबकि अवैध क्लीनिक आज भी धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं।
हाल ही में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलगहना द्वारा खंड चिकित्सा अधिकारी को भेजी गई जांच रिपोर्ट में शिकायत के आधार पर एक कथित झोलाछाप चिकित्सक के क्लीनिक का निरीक्षण किए जाने का उल्लेख है। रिपोर्ट में बताया गया कि टीम के पहुंचने तक क्लीनिक बंद मिला, जबकि स्थानीय लोगों से पूछताछ में जानकारी मिली कि संबंधित व्यक्ति सप्ताह के कुछ दिनों में वहां क्लीनिक संचालित करता है। यह रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए भेजी गई।
*केवल नोटिस, कार्रवाई नहीं?*
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के पास झोलाछाप डॉक्टरों की पूरी जानकारी होने के बावजूद मामले को आगे नहीं बढ़ाया जाता। कुछ लोगों को केवल कारण बताओ नोटिस जारी कर उनका स्पष्टीकरण लेकर प्रकरण शांत कर दिया जाता है। इससे क्षेत्र में अवैध रूप से इलाज करने वालों के हौसले बुलंद हैं और वे बिना किसी डर के क्लीनिक संचालित कर रहे हैं।
*CM हेल्पलाइन के निराकरण पर भी सवाल*
इस पूरे मामले की शिकायत CM हेल्पलाइन 1076 में भी की गई थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मौके पर पंचनामा तैयार कर शिकायत का निराकरण कर दिया गया, लेकिन अवैध क्लीनिकों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे शिकायतकर्ताओं में नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिकायतों का निपटारा केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेगा और जमीनी स्तर पर कार्रवाई नहीं होगी, तो आम लोगों का सरकारी शिकायत तंत्र से भरोसा उठ जाएगा। कई लोग अब CM हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं और इसे केवल औपचारिकता बता रहे हैं।
*उठ रहे हैं कई सवाल*
जब स्वास्थ्य विभाग के पास झोलाछाप डॉक्टरों की जानकारी है, तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
केवल नोटिस जारी कर मामलों को बंद क्यों किया जा रहा है?
CM हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी अवैध क्लीनिकों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई कब होगी?
*ग्रामीणों की मांग*
ग्रामीणों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और राज्य शासन से मांग की है कि पूरे कोटा विकासखंड में विशेष अभियान चलाकर सभी झोलाछाप डॉक्टरों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध क्लीनिकों को तत्काल बंद कराया जाए तथा यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।