महाराष्ट्र-तेलंगाना में मजदूरी कराने ले गए 80 मजदूरों का भुगतान नहीं, मोबाइल छीनकर बंधक बनाने का आरोप मामला पहुंचा इंटक अध्यक्ष इदरीस अंसारी के पास 

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के ग्राम पंचायत कसई बहरा, थाना गौरेला क्षेत्र के मरवाही-पसान इलाके के मजदूरों के साथ कथित तौर पर गंभीर धोखाधड़ी और बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। मजदूरों को अधिक मजदूरी का लालच देकर महाराष्ट्र और तेलंगाना ले जाया गया, जहां उनसे दो से तीन माह तक रेलवे कार्य में मजदूरी कराई गई, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। इतना ही नहीं, एक मजदूर का मोबाइल छीनकर उसे बंधक बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

 

मामला राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के जिला कार्यालय पहुंचा, जहां पीड़ित मजदूरों ने लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, ग्राम कसई बहरा निवासी गोलू सिंह गोंड को अनुज राजा (निवासी हरसपुर, उत्तर प्रदेश) और उसके साथी सोनू द्वारा अधिक मजदूरी का प्रलोभन देकर अपने साथ ले जाया गया। गोलू अपनी जिम्मेदारी में गांव के अन्य मजदूरों को भी महाराष्ट्र और तेलंगाना में रेलवे पेटी ठेकेदारों के पास काम कराने ले गया था।

 

दो-तीन माह काम के बाद भी नहीं मिला पूरा भुगतान

 

पीड़ितों ने बताया कि मजदूरों से लगातार काम कराया गया, लेकिन केवल खर्चे के लिए कुछ राशि दी गई। पूरा भुगतान मांगने पर ठेकेदार आज-कल का आश्वासन देकर मजदूरों को टालते रहे। मजदूरों ने जब गोलू सिंह गोंड पर दबाव बनाना शुरू किया, तो उसने भी ठेकेदारों से बार-बार मजदूरी देने की मांग की।

 

आरोप है कि इससे नाराज होकर अनुज राजा और उसके साथी सोनू ने गोलू सिंह गोंड का मोबाइल छीन लिया और उसे बंधक बनाकर रखा, ताकि वह किसी को सूचना न दे सके। बाद में गोलू के साथियों ने किसी तरह उसे मुक्त कराया, जिसके बाद वह तेलंगाना से भागकर अपने गांव कसई बहरा वापस पहुंचा।

 

इंटक कार्यालय पहुंचा मामला

 

गांव लौटने के बाद गोलू सिंह गोंड ने पूरी घटना ग्रामीणों को बताई। इसके बाद लेबर ठेकेदार नरेन्द्र चौधरी उसे मजदूरों की आवाज उठाने वाले इंटक के जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी के पास लेकर पहुंचे। इंटक कार्यालय में मजदूरों की शिकायत लिखित रूप में ली गई।

 

इंटक प्रदेश सचिव एवं जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने मजदूरों को आश्वासन देते हुए कहा कि मामले की पूरी जानकारी दूसरे पक्ष से लेने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि तीन दिन के भीतर ठेकेदार मजदूरों का भुगतान नहीं करते, तो पुलिस अधीक्षक से मिलकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और गिरफ्तारी की मांग की जाएगी।

 

80 मजदूरों की मजदूरी बकाया होने का आरोप

 

इदरीस अंसारी ने मीडिया को बताया कि अनुज राजा और उसके साथी सोनू पर लगभग 80 मजदूरों की मजदूरी नहीं देने का आरोप है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मौखिक जानकारी मिली है कि मजदूरी नहीं मिलने के कारण एक मजदूर ने आत्महत्या भी कर ली थी। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

 

इंटक अध्यक्ष ने दोनों ठेकेदारों को तीन दिन का समय देते हुए कहा है कि वे आकर सभी मजदूरों का भुगतान करें और यह भी बताएं कि बाकी मजदूरों को कहां रखा गया है। यदि समय सीमा में भुगतान नहीं हुआ, तो पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।

 

मजदूरों की सुरक्षा की मांग

 

इदरीस अंसारी ने कहा कि भोले-भाले आदिवासी और गरीब मजदूरों को अधिक मजदूरी का लालच देकर दूसरे राज्यों में ले जाया जाता है और बाद में उनका शोषण किया जाता है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि ऐसे मामलों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

 

उन्होंने यह भी बताया कि इंटक परिवार मजदूरों की बकाया मजदूरी दिलाने और कथित रूप से बंधक बनाए गए मजदूरों को छुड़ाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित मजदूरों को कब तक न्याय मिल पाता है।

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