जनता के सवालों को लेकर सड़कों पर उतरी कांग्रेस, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल ‘ज्ञानेश कुमार हटाओ’ और ‘चुनाव आयोग वोट चोर’ के नारों के बीच निकला पैदल मार्च, पुतला दहन के बाद एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

0

जनता के सवालों को लेकर सड़कों पर उतरी कांग्रेस, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
‘ज्ञानेश कुमार हटाओ’ और ‘चुनाव आयोग वोट चोर’ के नारों के बीच निकला पैदल मार्च, पुतला दहन के बाद एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
जब लोकतंत्र की सबसे बुनियादी कड़ी मतदाता और उसका वोट सवालों के घेरे में हो, तो विपक्ष का सड़क पर उतरना महज सियासी प्रदर्शन नहीं, बल्कि जवाबदेही की मांग बन जाता है। इसी तेवर के साथ बुधवार को कटनी में कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर शहर की सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन किया। ‘ज्ञानेश कुमार हटाओ’ और ‘चुनाव आयोग वोट चोर’ के नारों से गूंजे शहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला, प्रतीकात्मक पुतला हाथकड़ियों में जकड़ा, पुतला दहन किया और अंततः एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर अपने विरोध को प्रशासन के सामने दर्ज कराया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित शुक्ला और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ सिंह के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कटनी शहर के साथ विजयराघवगढ़ और बहोरीबंद क्षेत्र से भी कार्यकर्ता पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुखौटे भी नजर आए। कांग्रेस ने निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को जनता के बीच ले जाकर यह संदेश देने का प्रयास किया कि विपक्ष केवल सदन तक सीमित नहीं, बल्कि जनहित और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सड़क पर भी अपनी आवाज बुलंद करेगा।

कटनी। लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका केवल सत्ता का विरोध करना नहीं, बल्कि जनता से जुड़े सवालों को उठाना और शासन-प्रशासन से जवाबदेही की मांग करना भी है। इसी भूमिका को सामने रखते हुए बुधवार को कटनी में जिला कांग्रेस कमेटी शहर एवं ग्रामीण के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और शहर में पैदल मार्च निकाला।


पुरानी कचहरी स्थित लक्ष्मीबाई स्मारक के पास से शुरू हुआ यह मार्च सुभाष चौक, गोल बाजार, सिल्वर टॉकीज, झंडा बाजार, सराफा बाजार, जैन मंदिर, रुई बाजार और कपड़ा बाजार सहित प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। पूरे रास्ते कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराते रहे।
नारों और प्रतीकात्मक प्रदर्शन से दर्ज कराया विरोध
प्रदर्शन के दौरान ‘ज्ञानेश कुमार हटाओ’ और ‘चुनाव आयोग वोट चोर’ जैसे नारे लगाए गए। कुछ कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुखौटे पहनकर भी मार्च में शामिल हुए। वहीं ज्ञानेश कुमार के नाम का प्रतीकात्मक पुतला हाथकड़ियों में जकड़कर प्रदर्शन में शामिल किया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सवाल लोकतंत्र और मताधिकार से सीधे जुड़े विषय हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर पार्टी द्वारा विरोध दर्ज कराया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है।
पुतला दहन के बाद सौंपा ज्ञापन
पैदल मार्च के वापस पुरानी कचहरी पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन कटनी एसडीएम को सौंपा। प्रदर्शन के समापन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प होने की बात भी सामने आई।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जुटे कार्यकर्ता
प्रदर्शन में कटनी शहर के साथ विजयराघवगढ़ और बहोरीबंद क्षेत्र से भी कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित शुक्ला एवं ग्रामीण अध्यक्ष सौरभ सिंह की अगुवाई में हुए प्रदर्शन में पूर्व विधायक बसंत सिंह, प्रियदर्शन गौर, विजय पटेल, गणेश राव, लल्ला महाराज, राजा जगवानी, गुड्डू द्विवेदी, अंशु मिश्रा, मौसूफ अहमद, विवेक गोल्डन पांडे, रंजीत सिंह, प्रेम बत्रा, मनोज गुप्ता, रजनी वर्मा, सौम्या रांधेलिया, अजय खटीक, आनंद पटेल, राजेश जाटव, जितू गुप्ता, अजय जैसवानी, श्रीराम कोल, प्रेमलाल रजक, मंजू निषाद, शशि यादव, सुमन रजक, गीता निषाद, रूपा तिवारी और सुमन सैनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जनहित के मुद्दों पर विपक्ष की सक्रियता
कटनी में हुआ यह प्रदर्शन स्थानीय राजनीति में विपक्ष की सक्रिय भूमिका को भी रेखांकित करता है। सत्ता पक्ष के निर्णयों और संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाना, जनता के बीच उन मुद्दों को ले जाना और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपना विपक्ष की लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों का हिस्सा है। हालांकि कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उसकी आपत्तियां राजनीतिक दावे हैं; निर्वाचन आयोग ने अपने स्तर पर चुनावी प्रक्रिया को कानून के अनुरूप संचालित किए जाने का पक्ष रखा है। ऐसे में कटनी का यह प्रदर्शन केवल नारेबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस ने मतदाता सूची, निर्वाचन प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर अपनी मांगों को सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed