रामपुर बटूरा मेगा प्रोजेक्ट में गुंडागर्दी की पराकाष्ठा: ‘जय अम्बे’ कंपनी के दफ्तर में घुसकर फायरिंग, कट्टे की नोक पर मांगा ‘गुंडा टैक्स’

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शहडोल। रामपुर बटूरा मेगा प्रोजेक्ट में कोयला उत्खनन के महत्वपूर्ण कार्य में लगी प्रतिष्ठित ‘जय अम्बे’ कंपनी के कार्यालय में सरेआम गुंडागर्दी और खूनी खेल का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। क्षेत्र में विकास और रोजगार की बयार लाने का प्रयास कर रही कंपनी के कर्मचारियों को अपनी जान हथेली पर रखकर काम करने को मजबूर होना पड़ रहा है। कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए इलाके के नामी उपद्रवियों—श्रीराम विश्वकर्मा, पप्पू विश्वकर्मा और मिथलेश चर्मकार उर्फ लकी ने दुस्साहस की सारी हदें पार कर दी हैं।

दफ्तर में तांडव: कट्टे की नोक पर बंधक बने कर्मचारी

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा अपने गुर्गों पप्पू विश्वकर्मा और मिथलेश चर्मकार उर्फ लकी के साथ अचानक ‘जय अम्बे’ कंपनी के दफ्तर में कट्टा लहराते हुए घुस गया। आरोपियों ने वहां शांतिपूर्वक अपना काम कर रहे कंपनी के निष्ठावान कर्मचारियों—आलोक त्रिपाठी और अमन सिंह क्षत्रिय को घेर लिया। आरोपियों ने न सिर्फ कट्टे की नोक पर उन्हें धमकाया, बल्कि खौफ पैदा करने के लिए देशी कट्टे से सीधे पैर में फायर ठोक दिया। वह तो गनीमत थी कि कर्मचारी किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागे, वरना इस जानलेवा हमले में आज किसी बेकसूर की जान जा सकती थी।

‘रोजगार’ का मुखौटा, ‘गुंडा टैक्स’ का असली चेहरा

घटना के बाद सहमे लेकिन आक्रोशित ‘जय अम्बे’ कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि श्रीराम विश्वकर्मा और उसके साथियों का यह कोई पहला कृत्य नहीं है। रोजगार दिलाने के झूठे मुखौटे के पीछे दरअसल ‘गुंडा टैक्स’ (उगाही) का काला कारोबार छिपा है। आरोपियों द्वारा आए दिन कंपनी के काम में अड़ंगा डालना, अनावश्यक दबाव बनाना और अवैध रूप से पैसों की मांग करना एक रूटीन बन चुका है। मांग पूरी न होने पर डराना-धमकाना और मारपीट करना इन अपराधियों का पेशा बन गया है, जिससे कंपनी का कामकाज और क्षेत्रीय विकास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

“हम यहां केवल अपनी ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन अब दफ्तरों के भीतर गोलियां चल रही हैं। श्रीराम विश्वकर्मा लगातार अवैध वसूली के लिए दबाव बना रहा है। आज जो गोली चली, वो किसी को भी लग सकती थी।”

— पीड़ित कर्मचारी, जय अम्बे कंपनी

पुलिस थाने में भी नहीं थमा हौसला, फोन पर दी जान से मारने की धमकी

इन अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि इन्हें खाकी का भी कोई खौफ नहीं है। वारदात को अंजाम देने के बाद जब ‘जय अम्बे’ कंपनी के डरे-सहमे कर्मचारी न्याय की गुहार लगाने स्थानीय थाने पहुंचे, तब भी अपराधियों का तांडव जारी रहा। आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा ने अपने मोबाइल नंबर 9826774921 से कर्मचारियों के फोन पर ताबड़तोड़ कॉल किए। पुलिस महकमे के साए में बैठे कर्मचारियों को फोन पर सरेआम गंदी-गंदी गालियां दी गईं और शिकायत करने पर जान से मारने की खुली धमकी दी गई।

यह सीधे तौर पर कानून व्यवस्था को खुली चुनौती है। एक तरफ ‘जय अम्बे’ कंपनी क्षेत्र की प्रगति में योगदान दे रही है, वहीं दूसरी तरफ ऐसे असामाजिक तत्व विकास की गति को रोकना चाहते हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इन गुंडों पर कब और कितनी सख्त कार्रवाई करता है, ताकि कंपनी के कर्मचारी बिना किसी खौफ के सुरक्षित माहौल में काम कर सकें।

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