जिला विरासत साहित्य कला मंच की परम्परागत प्रेरणादायक पहल में जीपीएम जिले के 230 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ भव्य सम्मान
जिला विरासत साहित्य कला मंच की परम्परागत प्रेरणादायक पहल में जीपीएम जिले के 230 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ भव्य सम्मान
“”अधिकारियों ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनके सवालों के जवाब दिए और करियर,शिक्षा व अन्य क्षेत्रों सहित जीवन में सफलता के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन किया””
“”मेडल,स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र से प्रतिभावान विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर जिला विरासत साहित्य कला मंच ने चौथे वर्ष भी कायम रखी प्रतिभा सम्मान की परम्परा””
जीपीएम जिले के 230 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ भव्य सम्मान, जिला साहित्य कला विरासत मंच ने चौथे वर्ष भी कायम रखी प्रतिभा सम्मान की परंपरा
“संघर्ष ही सफलता का मूलमंत्र” ‘विद्यार्थियों में प्रतिभाओं की कमी नहीं’सतत प्रयास व लगन निष्ठा से हर सपने होते हैं साकार:समीरा पैकरा
गौरेला पेंड्रा मरवाही 07.06.2026/ गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले की युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से जिला विरासत साहित्य कला मंच के तत्वाधान में जिला स्तरीय विद्यार्थी प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 का भव्य आयोजन 07 जून को स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय(मल्टीपरपज स्कूल) पेंड्रा के असेंबली हॉल में किया गया।जिला विरासत साहित्य कला मंच ने लगातार चौथे वर्ष आयोजित इस प्रेरणादायक भव्य कार्यक्रम में जिलेभर के मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए प्रतिभा सम्मान समारोह की परम्परा को कायम रखी है।
समारोह में इस वर्ष कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले लगभग 230 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र, मेडल एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंच द्वारा प्रतिभाओं को सम्मानित करने की यह पहल अब जिले की एक प्रेरणादायक परंपरा बन चुकी है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करना है तथा शिक्षा संस्कार सफलता के क्षेत्र में बच्चों को आगे बढ़ाते हुए सशक्त राष्ट्र का जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती जी की पूजन आराधना वैदिक मंत्रोच्चार सहित एवं संगीतमय वंदना गीत तथा सेजेस छात्रा हेमकल्याणी पटेल की प्रस्तुति राज्यगीत के साथ प्रारंभ हुआ।जिला विरासत साहित्य कला मंच के सदस्यों ने संगीतमय वंदना गीत प्रस्तुत कर शिक्षा के साथ साथ कला के क्षेत्र में विद्यार्थियों को आगे बढ़ने हेतु प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम का संचालन जिला विरासत साहित्य कला मंच के सचिव अजय चौधरी एवं अध्यक्ष डॉ.राजेन्द्र कृष्ण पाण्डेय के मार्गदर्शन में किया गया।
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समारोह में निर्वाचित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी रहे मंचस्थ
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा,जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेन्द्र बहादुर सिंह,नगर पालिका परिषद पेंड्रा अध्यक्ष राकेश जालान,विश्व हिन्दू परिषद् जिला अध्यक्ष हर्ष छाबरिया,जिलाध्यक्ष लालजी यादव,पूर्व जनपद उपाध्यक्ष जीवन राठौर,एस.डी.एम.देवेन्द्र सिरमौर,सिविल सर्जन डॉ.देवेन्द्र पैकरा,आईएफएस अधिकारी गौतम पड़िभर,वैज्ञानिक(पर्यावरण विभाग ) राजेन्द्र वासुदेव,पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रामजी श्रीवास,समाजसेवी श्रीनिवास तिवारी,समाजसेवी श्रीकांत ताम्रकार सहित जिले के जनप्रतिनिधिजन एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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राज्य के टॉपर्स व जिले के टॉपर्स विद्यार्थियों ने किया जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से लक्ष्यात्मक सवाल जवाब
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इस अवसर पर अधिकारियों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए छात्र छात्राओं द्वारा अलग अलग क्षेत्रों से संबंधित उनके हर सवालों के जवाब दिए और करियर,शिक्षा व अन्य क्षेत्रों सहित जीवन में सफलता के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया। सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय डॉ. देवेन्द्र पैकरा, आईएफएस अधिकारी आंचल गौतम,एसडीएम देवेन्द्र सिरमौर राजेंद्र वासुदेव वैज्ञानिक (पर्यावरण विभाग) तथा राजनीति के क्षेत्र में नगरपालिका अध्यक्ष राकेश जालान ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी।
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वक्ताओं ने दिया अपने संघर्षपूर्ण जीवन में प्राप्त उपलब्धियों को लेकर प्रेरणास्पद उद्बोधन
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वक्ताओं ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही आने वाले समय में जिले,प्रदेश और देश का भविष्य तय करेंगे। ऐसे सम्मान समारोह न केवल मेधावी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हैं, बल्कि अन्य छात्रों को भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं।
“”संघर्ष ही सफलता का मूलमंत्र है।विद्यार्थियों में प्रतिभाओं की कमी नहीं होती है।हमारे सतत प्रयास, परिश्रम व लगन निष्ठा के साथ किए गए कार्य से हर सपने साकार होते हैं।एक विद्यार्थी में लक्ष्य के प्रति समर्पण भाव होना चाहिए।शिक्षा,संस्कार,समर्पण,अनुशासन को अपनाकर विद्यार्थी हर चुनौतियों का सामना कर सफलता अर्जित करने में कामयाब होता है।
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जिला विरासत साहित्य कला मंच के इन सदस्यों की सहभागिता रही
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कार्यक्रम की सफलता में जिला विरासत साहित्य कला मंच के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।आयोजन में डॉ. राजेन्द्र कृष्ण पाण्डेय,टीकादास मराबी,अजय चौधरी, तीरथ बड़गैंया कान्हा सोनी,राकेश चौधरी,हेमंत कश्यप,रिंकू पटेल, परसराम चौधरी,दिनेश राठौर,छोटेलाल वनवासी,संजय सोनी,ओमप्रकाश सोनवानी,पीयूष गुप्ता,अमिताभ चटर्जी, डोमन काछी, डॉ.एस.एस.मराबी, रणजीत राठौर,सचिन तिवारी,सौरभ राठौर राजकुमार पटेल,बलराम तिवारी,बजरंग कश्यप,कन्हैया सोनवानी,रोहिताश दुबे,गिरीश शर्मा, नरेन्द्र पाल पैकरा,रत्नेश सोनी सहित मंच के विशेष आमंत्रित सदस्य सत्यनारायण जायसवाल सक्रिय रूप से शामिल रहे।इसके साथ ही कार्यक्रम में विद्यार्थियों,अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों,अधिकारियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। लगभग 500 लोगों की उपस्थिति में संपन्न यह आयोजन जिले के बच्चों के लिए प्रेरणास्पद,उत्साह और सम्मान का एक यादगार अवसर बन गया।
जिला साहित्य कला विरासत मंच की यह प्रेरणास्पद पहल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों को पहचान देने और नई पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है।
इस अवसर पर डॉ. योगेश तिवारी,जितेंद्र वासुदेव,सत्यनारायण जायसवाल, लक्ष्मी शंकर गुप्ता,राजेश सोनी,सूरज सिंह चौहान सहित कई विभाग के कर्मचारीगण एवं छात्र छात्राओं के अभिभावकजन उपस्थित थे।