एंबुलेंस चालक की दलाली और निजी अस्पताल की घोर लापरवाही से प्रसूता की मौत, परिजनों ने शव रखकर किया प्रदर्शन
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: जिले के ग्राम सेमरा स्थित एक निजी अस्पताल (डीडी हॉस्पिटल) में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने वाला एक बेहद गंभीर और अमानवीय मामला सामने आया है। यहां एंबुलेंस चालकों की दलाली, निजी अस्पताल की लापरवाही और पैसों की लालच के चलते एक प्रसूता की जान चली गई।
घटना से आक्रोशित परिजनों ने 17 जून की रात मृतका का शव डीडी हॉस्पिटल के सामने रखकर चक्काजाम किया और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सिम्स ले जाने के बजाय दलाल ने निजी अस्पताल में करवाया भर्ती
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गर्भवती महिला ज्योति चौधरी निवासी बसंतपुर को 10 जून 2026 को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें सिम्स (SIMS) बिलासपुर रेफर कर दिया।
आरोप है कि जब सरकारी एंबुलेंस मरीज को लेकर जोगीसार के पास पहुंची, तभी डीडी अस्पताल के एक दलाल ने एंबुलेंस ड्राइवर को फोन किया। ड्राइवर ने परिजनों को गुमराह किया और सिम्स ले जाने के बजाय मरीज को सेमरा स्थित डीडी हॉस्पिटल ले जाकर भर्ती करवा दिया।
इलाज के नाम पर 2 लाख की सौदेबाजी
परिजनों का आरोप है कि डीडी हॉस्पिटल के डायरेक्टर अखिलेश तिवारी ने मरीज को पूरी तरह स्वस्थ करने का दावा करते हुए 2 लाख रुपये की मांग की। परिजनों ने आनन-फानन में 1 लाख रुपये अस्पताल में जमा करा दिए।
ऑपरेशन के जरिए मृत बच्चे (जो जिला अस्पताल में ही मृत घोषित हो चुका था) को बाहर निकाला गया। परिजनों के मुताबिक, 11 जून को मरीज की हालत में सुधार दिख रहा था, लेकिन डॉक्टर की लापरवाही के कारण डिलीवरी के दौरान हुए इन्फेक्शन को नजरअंदाज कर दिया गया। कोई सटीक जांच नहीं होने के कारण मरीज के शरीर में इन्फेक्शन तेजी से फैल गया।
रेफर करने के लिए मांगे बचे हुए 1 लाख रुपये
जब ज्योति चौधरी की हालत बिगड़ने लगी और परिजनों को लापरवाही का अंदेशा हुआ, तो उन्होंने डॉक्टर से मरीज को रेफर करने की गुहार लगाई। आरोप है कि इस गंभीर स्थिति में भी डायरेक्टर अखिलेश तिवारी ने अमानवीयता दिखाते हुए कहा कि “2 लाख में बात हुई थी, रेफर तभी किया जाएगा जब बचे हुए 1 लाख रुपये जमा होंगे।” लाचार परिजनों ने रिश्तेदारों से उधार मांगकर शेष 1 लाख रुपये जमा किए, जिसके बाद मरीज को सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया।
सिम्स में इलाज के दौरान मौत, अस्पताल के बाहर पुलिस बल तैनात
सिम्स बिलासपुर में 3-4 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद, 17 जून 2026 को ज्योति चौधरी ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार रात करीब 9 बजे परिजन मृतका के शव को लेकर सीधे डीडी हॉस्पिटल पहुंचे और शव को अस्पताल के सामने रखकर चक्काजाम कर दिया।
मामले की नजाकत और तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया है।
फिलहाल पुलिस परिजनों को समझाइश देने और मामले को शांत कराने में जुटी है। इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली, निजी अस्पतालों की मनमानी और एंबुलेंस चालकों के कमीशन के खेल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है, इस पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।