चेहरा दिखा, हाजिरी लगी…फिर गायब-आईडी लॉक, वेतन बंद… निगम में बढ़ी बेचैनी नगर निगम में आउटसोर्स सिस्टम पर बड़ा सवाल शिकायतों के बाद जांच में खुलासा फेस रीडिंग में मौजूद, लेकिन मैदान से नदारद मिले कर्मचारी 70 आईडी लॉक, वेतन रोका गया ,निगम में मचा हड़कंप,व्यवस्था में जवाबदेही पर उठे सवाल

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चेहरा दिखा, हाजिरी लगी…फिर गायब-आईडी लॉक, वेतन बंद… निगम में बढ़ी बेचैनी
नगर निगम में आउटसोर्स सिस्टम पर बड़ा सवाल
शिकायतों के बाद जांच में खुलासा फेस रीडिंग में मौजूद, लेकिन मैदान से नदारद मिले कर्मचारी
70 आईडी लॉक, वेतन रोका गया ,निगम में मचा हड़कंप,व्यवस्था में जवाबदेही पर उठे सवाल

नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली को लेकर सामने आई कार्रवाई ने पूरे प्रशासनिक ढांचे में हलचल पैदा कर दी है। नगर निगम प्रशासन की जांच में ऐसे कर्मचारी सामने आए जिनकी फेस रीडिंग के माध्यम से उपस्थिति दर्ज थी, लेकिन संबंधित कार्यस्थलों और वार्ड स्तर के रिकॉर्ड में उनकी मौजूदगी नहीं पाई गई। जांच के बाद नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार के निर्देश पर 70 कर्मचारियों की आईडी लॉक कर दी गई है और उनका वेतन भी रोक दिया गया है।

कटनी।। नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जांच में ऐसे कई कर्मचारी सामने आए जिनकी फेस रीडिंग से हाजिरी दर्ज हुई, लेकिन संबंधित कार्यस्थल और वार्ड रिकॉर्ड में उनकी मौजूदगी नहीं मिली। लगातार शिकायतों के बाद नगर निगम प्रशासन ने जांच कराई और कार्रवाई करते हुए 70 कर्मचारियों की आईडी लॉक कर दी।
सूत्रों के अनुसार नगर निगम में आउटसोर्स के माध्यम से सैकड़ों कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। इनमें सफाई व्यवस्था, पेयजल, राजस्व, अतिक्रमण और बाजार शाखा जैसे विभाग शामिल हैं। आरोप यह सामने आए कि कुछ कर्मचारी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद कार्यस्थल से अनुपस्थित पाए गए, जबकि कुछ बिना अनुमति लंबे समय से ड्यूटी पर नहीं पहुंचे थे। नगर निगम प्रशासन की कार्रवाई के बाद कर्मचारियों का वेतन भी फिलहाल रोक दिया गया है। इस कदम से निगम के अंदर हलचल तेज हो गई है और उपस्थिति व्यवस्था तथा निगरानी तंत्र पर नए सवाल उठने लगे हैं।
जांच में क्या सामने आया
फेस रीडिंग में उपस्थिति दर्ज,वार्ड स्तर पर गैरहाजिरी दर्ज,बिना अनुमति अनुपस्थित कर्मचारी मिले,70 कर्मचारियों की आईडी लॉक,वेतन भुगतान रोका गया अब सबसे बड़ा सवाल क्या यह सिर्फ लापरवाही है या व्यवस्था में कहीं बड़ी खामी,क्या उपस्थिति और भुगतान प्रणाली की व्यापक जांच होगी। स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी के अनुसार बिना अनुमति और सूचना के अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की गई है और संबंधित आईडी निष्क्रिय कर दी गई हैं। मामले ने इसलिए भी गंभीर रूप लिया है क्योंकि संबंधित कर्मचारी शहर की सफाई व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े थे. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने रिकॉर्ड का मिलान कराया तो कई चौंकाने वाली विसंगतियां सामने आईं। नगर निगम में आउटसोर्स के माध्यम से करीब साढ़े पांच सौ से अधिक कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या स्वास्थ्य विभाग और सफाई व्यवस्था में तैनात कर्मचारियों की है। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति, राजस्व, अतिक्रमण शाखा, बाजार शाखा और अन्य विभागों में भी आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं ली जा रही हैं।
नगर निगम द्वारा की गई कार्रवाई के तहत संबंधित कर्मचारियों की कार्य प्रणाली से जुड़ी आईडी लॉक कर दी गई है। इसका सीधा असर उनकी ड्यूटी और भुगतान प्रक्रिया पर पड़ा है। कार्रवाई के बाद कर्मचारियों के बीच स्थिति स्पष्ट कराने और दोबारा कार्य में शामिल होने को लेकर गतिविधियां तेज हुई हैं।
नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों की उपस्थिति और भुगतान व्यवस्था को लेकर पहले भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर निगरानी मजबूत करने और पारदर्शिता बढ़ाने की मांग लगातार सामने आती रही है।
अब निगाहें आगे की कार्रवाई पर कि क्या यह मामला केवल अनुपस्थिति तक सीमित रहेगा या उपस्थिति सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा भी होगी। यदि जांच का दायरा बढ़ता है तो कई और तथ्य सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।
इनका कहना है
नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी के अनुसार, ड्यूटी से बिना अनुमति और बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। संबंधित कर्मचारियों की आईडी लॉक की गई है और फिलहाल उनका भुगतान रोका गया है।

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