गौरेला में अकीदत के साथ मनाया गया यौम-ए-आशूरा, अखाड़े में दिखा युवाओं का करतब, पुलिस प्रशासन की रही मुस्तैदी
गौरेला (जीपीएम)
मोहर्रम की 10वीं तारीख (यौम-ए-आशूरा) के अवसर पर गौरेला और आसपास के क्षेत्रों में हर साल की तरह इस साल भी इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद करते हुए ‘गम-ए-हुसैन’ पूरी अकीदत और सम्मान के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर गौरेला क्षेत्र, मदीना मस्जिद, गोरखपुर और टीकर से भव्य ताजिया जुलूस निकाले गए। अकीदतमंदों की भारी भीड़ के साथ ये सभी ताजिया जुलूस आगे बढ़ते हुए संयुक्त रूप से संजय चौक पहुंचे, जहां इन सभी ताजियों का ऐतिहासिक मिलान हुआ। आकर्षक रोशनी, नीले गुंबदों और शानदार कारीगरी से सजे इस भव्य ताजिये को अकीदतमंदों द्वारा जुलूस की शक्ल में पूरे एहतराम के साथ ले जाया गया।
अखाड़े में युवाओं ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
जुलूस के दौरान पारंपरिक अखाड़े का भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। अखाड़े में शामिल युवाओं और अकीदतमंदों ने लाठी-डंडे और पारंपरिक तरीकों से अपने हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। संजय चौक पर ताजियों के मिलान के दौरान नौहाख्वानी की गई और लोगों ने कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
ताजिया जुलूस का जगह-जगह स्वागत किया गया
नगर गौरेला में मदीना मस्जिद से ताजिया जुलूस निकाला गया पूरे नगर में जगह-जगह समाजसेवीयो ने स्वागत किया जिसमें शीतल पेय, शरबत आदि पिलाया गया। इसी तारतम्य में अकीदा फाउंडेशन के हैदर फारुकी, मोहम्मद शाकिब खान, निसार आलम, मोहम्मद कादिर, सुहैल, तरुण कश्यप, मोहम्मद मुराद युवाओं द्वारा रेलवे स्टेशन में घुमंतू, जरूरमंद, यात्रियों के लिए वेज पुलाव का अटूट लंगर का आयोजन किया गया।
पुलिस प्रशासन का रहा सराहनीय कार्य
इस विशाल जुलूस, अखाड़े और ताजिया मिलान के दौरान गौरेला पुलिस प्रशासन का कार्य बेहद सराहनीय रहा। भारी भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था। पुलिस की मुस्तैदी और कुशल प्रबंधन के चलते मोहर्रम का यह जुलूस पूरी तरह से शांतिपूर्ण और आपसी सौहार्द के साथ संपन्न हुआ, जिसकी क्षेत्रीय लोगों ने भी जमकर सराहना की।