खनिज परिवहन की समस्याओं को लेकर हाईवा ट्रांसपोर्ट यूनियन की अनिश्चितकालीन हड़ताल
खनिज परिवहन की समस्याओं को लेकर हाईवा ट्रांसपोर्ट यूनियन की अनिश्चितकालीन हड़ताल
कटनी। जिले में खनिज परिवहन से जुड़ी समस्याओं और शासन की कथित विसंगतिपूर्ण नीतियों के विरोध में हाईवा ट्रांसपोर्ट यूनियन, कटनी ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। यूनियन के पोस्टर के अनुसार 15 अगस्त 2026 की रात 12 बजे से सभी प्रकार के खनिज परिवहन को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
यूनियन का कहना है कि खनिज विभाग के पोर्टल पर वाहन की लोड क्षमता के आधार पर टीपी/ट्रांजिट पास जारी किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद बाद में ओवरलोडिंग के नाम पर वाहन मालिकों और चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। यूनियन ने इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए नियमों में स्पष्टता की मांग की है।
टीपी और वाहन क्षमता को लेकर उठाए सवाल
यूनियन के अनुसार ट्रांजिट पास जारी करते समय लोड की क्षमता दर्ज होने के बावजूद यदि पोर्टल पर दर्ज क्षमता के अनुरूप वाहन में खनिज लोड किया जाता है, तो उसे ओवरलोड मानकर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। यूनियन ने मांग की है कि टीपी जारी करने की प्रक्रिया और ओवरलोडिंग की कार्रवाई में एकरूपता लाई जाए।
वाहन मालिक, चालक और संबंधित फर्मों पर कार्रवाई का विरोध
यूनियन ने कटनी जिले में चूना पत्थर, डोलोमाइट, लेटराइट, बॉक्साइट और गिट्टी-रेत सहित विभिन्न खनिजों के परिवहन में लगे वाहनों पर होने वाली कार्रवाई का भी विरोध किया है। यूनियन की मांग है कि वाहन मालिक और चालक के साथ-साथ टीपी जारी करने वाली फर्म, खनिज प्राप्त करने वाली फर्म और वेंडर को भी नियमों के अनुरूप जिम्मेदार माना जाए।
क्यूबिक मीटर और GVW के अंतर से परेशानी
यूनियन ने रेत परिवहन के दौरान ट्रांजिट पास में जारी मात्रा और वाहन के आरटीओ रिकॉर्ड में दर्ज GVW के बीच अंतर को भी प्रमुख समस्या बताया है। यूनियन का कहना है कि इस अंतर के कारण परिवहनकर्ता ओवरलोडिंग की श्रेणी में आ जाते हैं और उन्हें आरटीओ, पुलिस तथा राजस्व विभाग की कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
अवैध वसूली और कैमरों को लेकर भी नाराजगी
जिले में खनिज परिवहन के दौरान कुछ स्थानों पर प्रशासनिक विभागों के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें सामने आती हैं। इसके अलावा बायपास पर लगाए गए हाईटेक एआई कैमरों को लेकर भी यूनियन ने आपत्ति जताई है। यूनियन का कहना है कि इन कैमरों के माध्यम से ट्रांजिट पास संबंधी जानकारी मिलने के बावजूद वाहनों को रोककर परेशान किया जाता है। यूनियन ने ऐसी व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग की है।
भाड़े और परिवहन व्यवस्था में सुधार की मांग
यूनियन ने सीमेंट प्लांटों तथा सरकारी कार्यों में उपयोग होने वाले खनिज के परिवहन में अंडरलोड एवं ट्रांसपोर्ट के भाड़े का उचित निर्धारण किए जाने की मांग भी उठाई है। यूनियन का कहना है कि बढ़ती लागत और मौजूदा परिवहन दरों के बीच संतुलन नहीं होने से वाहन संचालकों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है। इससे पहले 10 अगस्त को हाईवा ट्रांसपोर्ट यूनियन, कटनी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर खनिज परिवहन से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया था और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था। स्थानीय रिपोर्ट में भी टीपी में दर्ज वाहन क्षमता और बाद में की जाने वाली ओवरलोडिंग कार्रवाई को लेकर यूनियन की आपत्ति का उल्लेख किया गया है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी प्रमुख समस्याओं और मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक खनिज परिवहन बंद रखने का निर्णय जारी रहेगा। यदि हड़ताल प्रभावी रहती है तो इसका असर कटनी जिले से जुड़े खनिज परिवहन, खदानों, क्रशर इकाइयों, सीमेंट संयंत्रों और निर्माण कार्यों की आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ सकता है।