इंटक पदाधिकारियों पर हमले और धमकी का आरोप, जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने पुलिस से की सख्त कार्रवाई की मांग
गौरेला। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने संगठन के पदाधिकारियों के साथ पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी गौरेला को ज्ञापन सौंपकर इंटक कार्यकर्ताओं पर कथित हमला, गाली-गलौज और धमकी देने के मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत भस्कुरा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत तालाब खुदाई का कार्य चल रहा है। ग्रामीणों ने इंटक युवा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष राकेश पुरी से शिकायत की कि कार्यस्थल पर फर्जी हाजिरी भरी जा रही है।
शिकायत मिलने पर राकेश पुरी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मजदूरों से जानकारी ली। इंटक का आरोप है कि जांच के दौरान कुछ पंचों के नाम पर तथा राकेश वाकरे के नाम से मेट के रूप में हाजिरी दर्ज की जा रही थी, जबकि राकेश वाकरे आवास मित्र के रूप में कार्यरत हैं। संगठन का यह भी दावा है कि जांच में अन्य लोगों के नाम पर भी कथित फर्जी हाजिरी की जानकारी सामने आई।

हमले और धमकी का आरोप
इंटक के अनुसार, जानकारी जुटाकर लौटते समय राकेश वाकरे ने अपने कुछ साथियों के साथ राकेश पुरी और इंटक टीम के सदस्यों के साथ कथित रूप से गाली-गलौज, मारपीट और हमला किया। संगठन का कहना है कि किसी तरह कार्यकर्ता वहां से सुरक्षित निकल पाए।
इंटक का यह भी आरोप है कि बाद में राकेश वाकरे ने उन्हें झूठे मामलों, विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एसटी एक्ट) में फंसाने की धमकी दी। संगठन के मुताबिक, सरपंच ने दोनों पक्षों के बीच समझौते का प्रयास किया, लेकिन कथित धमकियां जारी रहीं।
पुलिस को सौंपा ज्ञापन
घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी संगठन के पदाधिकारियों के साथ पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी गौरेला से मिले तथा लिखित शिकायत देकर राकेश वाकरे एवं उनके साथियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और इंटक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
इदरीस अंसारी का बयान
मीडिया से चर्चा करते हुए इदरीस अंसारी ने कहा कि इंटक पिछले सात वर्षों से गरीब, मजदूर, किसान और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के कार्य कर रहा है। उनका कहना है कि संगठन कभी यह नहीं देखता कि कोई व्यक्ति किस राजनीतिक दल से जुड़ा है, बल्कि जरूरतमंदों के हक की लड़ाई लड़ता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मजदूरों की आवाज उठाने वाले लोगों पर हमले होने लगें, तो यह चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की।