गौरेला पेंड्रा मरवाही पुलिस की अनूठी पहल: स्कूलों में गूंजा यातायात सुरक्षा और साइबर जागरूकता का पाठ
SP मनोज खिलारे के निर्देश पर चला विशेष अभियान, शासकीय हाई स्कूल साधवानी समेत कई स्कूलों में नाबालिग वाहन चालकों और परिजनों को दी गई कड़ी समझाइश
गौरेला पेंड्रा मरवाही, 29 जुलाई 2026: जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और साइबर अपराधों के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के उद्देश्य से, पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारे के सख्त निर्देशानुसार आज जिला पुलिस ने एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। 
पुलिस की विभिन्न टीमों ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में पहुँचकर बच्चों को यातायात नियमों, साइबर सुरक्षा और महिला संबंधी कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस सघन अभियान के तहत, मल्टीपर्पस स्कूल पेंड्रा, कन्या उत्तर माध्यमिक विद्यालय मरवाही, मिश्री देवी स्कूल गौरेला के साथ-साथ शासकीय हाई स्कूल साधवानी गौरेला में भी विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 
इन सभी विद्यालयों में पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने का महत्व समझाया। उन्होंने बच्चों को सदैव हेलमेट लगाकर दुपहिया वाहन चलाने और हमेशा अपने साथ ड्राइविंग लाइसेंस रखने के संबंध में जागरूक किया।
नाबालिगों को वाहन चलाने से दूर रहने की सख्त हिदायत
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को नाबालिग अवस्था में वाहन चलाने से होने वाले जानलेवा खतरों से अवगत कराया और उन्हें इससे दूर रहने की सख्त सलाह दी।
उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने परिजनों को भी इस बात की समझाइश दें कि जब तक वे बालिग नहीं हो जाते और उनका वैध लाइसेंस नहीं बन जाता, तब तक उन्हें वाहन चलाने न दिया जाए। बच्चों को संकल्प दिलाया गया कि वे अपने परिजनों से कहें-
“जब तक हम बालिग नहीं हो जाते, तब तक हम वाहन नहीं चलाएंगे”।
साइबर सुरक्षा और महिला कानून पर विस्तृत जानकारी
यातायात नियमों के अलावा, पुलिस ने छात्रों को आजकल तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के खतरों के प्रति भी सचेत किया। उन्हें सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी (फ्रॉड) से बचने के उपाय और साइबर बुलिंग के बारे में जागरूक किया गया।
साथ ही, पुलिस अधिकारियों द्वारा छात्राओं को महिलाओं से संबंधित कानूनों और उनकी आपातकालीन सुरक्षा के लिए उपलब्ध हेल्पलाइनों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
जमीनी स्तर पर कार्यवाही: स्कूल की छुट्टी के बाद सघन चेकिंग
यह अभियान केवल स्कूलों की चारदीवारी के अंदर जागरूकता सत्रों तक ही सीमित नहीं रहा। स्कूलों की छुट्टी होने के पश्चात, पुलिस की विभिन्न टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए अलग-अलग पॉइंट्स पर चेकिंग अभियान चलाया।
इस दौरान, दुपहिया वाहनों पर जा रहे स्कूली बच्चों और उनके परिजनों को रोककर चेकिंग की गई एवं सख्त समझाइश दी गई। विशेषकर, नाबालिग बच्चों को वाहन चलाते पाए जाने पर उन्हें और उनके परिजनों को कड़ी हिदायत दी गई कि सुरक्षा की दृष्टि से नाबालिगों के हाथ में गाड़ी की चाबी बिल्कुल न दें।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से हेलमेट के अनिवार्य उपयोग और नियमों का कठोरता से पालन करने पर विशेष जोर दिया गया। बिना हेलमेट वालों को हेलमेट लगाने के संबंध में सख्त दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी पहल का स्कूल प्रशासन, शिक्षकों और पालकों ने खुले दिल से स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।