भारत माता स्कूल के छात्रों ने किया HDFC बैंक गौरेला का शैक्षणिक भ्रमण, सीखीं बैंकिंग की बारीकियां
गौरेला: भारत माता पब्लिक स्कूल के वाणिज्य (कॉमर्स) संकाय के छात्र-छात्राओं ने बैंकिंग प्रणाली को करीब से समझने के लिए HDFC बैंक की गौरेला शाखा का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों के साथ स्कूल के शिक्षक मोहम्मद हैदर फारूकी और शिक्षिका पल्लवी साहू भी मौजूद रहे। इस विजिट का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को व्यावहारिक रूप से बैंकिंग प्रणाली और उसके कामकाज से अवगत कराना था।
इस शैक्षणिक भ्रमण को लेकर स्कूल के शिक्षक मोहम्मद हैदर फारूकी व शिक्षिका पल्लवी साहू ने अपना अनुभव साझा करते हुए बैंक प्रबंधन का विशेष आभार व्यक्त किया है:
कॉमर्स के छात्रों के लिए अहम: यह भ्रमण मुख्य रूप से 11वीं और 12वीं कक्षा के कॉमर्स के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें प्रायोगिक ज्ञान (Practical Knowledge) देना था।
बैंकिंग प्रक्रिया की समझ: भ्रमण के दौरान बच्चों को बैंक में होने वाले दैनिक कामकाज जैसे- रसीद (Receipts) बनाना, भुगतान (Payments) की प्रक्रिया और अन्य बैंकिंग गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रबंधन का सहयोग: शिक्षक ने HDFC बैंक के ब्रांच मैनेजर मोहम्मद आरिफ और बैंक कर्मी जायसवाल जी का धन्यवाद किया, जिनके मार्गदर्शन से बच्चों को बैंकिंग प्रणाली को समझने में काफी मदद मिली और उनका यह अनुभव बेहद ज्ञानवर्धक रहा।
‘बच्चे देश का भविष्य हैं’ (ब्रांच मैनेजर मोहम्मद आरिफ का बयान)
इस विजिट को लेकर HDFC बैंक गौरेला के ब्रांच मैनेजर मोहम्मद आरिफ ने भी काफी उत्साह जाहिर किया:
बैंकिंग ऑपरेशन्स की दी गई जानकारी: छात्रों को बैंक के अंदर होने वाले रिटेल ऑपरेशन्स, दिन की शुरुआत कैसे होती है और क्लाइंट हैंडलिंग कैसे की जाती है, इस बारे में बताया गया।
तकनीकी और प्रबंधकीय ज्ञान: बच्चों को यूवी लैंप (UV Lamp) के संचालन, ऑफिस ऑटोमेशन, कैश मैनेजमेंट, डब्लूबीओ (WBO – Wholesale Banking Operations) और केजीसी (KGC) जैसी महत्वपूर्ण कार्यप्रणालियों से रूबरू कराया गया।
एक्सचेंज प्रोग्राम की आवश्यकता: उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के छोटे स्तर (माइक्रो लेवल) के एक्सचेंज प्रोग्राम लगातार होते रहने चाहिए। इससे बच्चों को बैंकिंग सीखने को मिलती है और बैंकर्स को भी नई पीढ़ी (Gen Z) से जुड़ने और उन्हें समझने का मौका मिलता है।
यह शैक्षणिक भ्रमण स्कूली बच्चों, विशेषकर भविष्य में इस क्षेत्र में करियर बनाने की चाह रखने वाले कॉमर्स के छात्रों के लिए बैंकिंग की कार्यप्रणाली को सीधे तौर पर समझने का एक बेहतरीन अवसर साबित हुआ।