2 लाख से अधिक के हर विकास कार्य की पहचान होगी सार्वजनिक, नगरीय निकायों में सूचना पट्टिका अनिवार्य भूमिपूजन-लोकार्पण की जानकारी मौके पर होगी प्रदर्शित, SOP के अनुसार पट्टिका लगाने के निर्देश
2 लाख से अधिक के हर विकास कार्य की पहचान होगी सार्वजनिक, नगरीय निकायों में सूचना पट्टिका अनिवार्य
भूमिपूजन-लोकार्पण की जानकारी मौके पर होगी प्रदर्शित, SOP के अनुसार पट्टिका लगाने के निर्देश
कटनी/भोपाल। मध्यप्रदेश में नगरीय विकास कार्यों में पारदर्शिता और कार्यों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने की दिशा में नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। संचालनालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार 2 लाख रुपये से अधिक लागत वाले सभी विकास कार्यों पर भूमिपूजन/लोकार्पण की सूचना पट्टिका लगाना अनिवार्य होगा।
संचालनालय ने यह निर्देश प्रदेश के सभी आयुक्तों तथा नगर पालिका निगम, नगर पालिका परिषद और नगर परिषदों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को भेजे हैं। पत्र में कहा गया है कि केंद्र एवं राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ नगरीय निकायों द्वारा स्वयं की निधि से कराए जाने वाले विकास कार्यों के संबंध में भी सूचना पट्टिका निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लगाई जाए।
किन योजनाओं और कार्यों पर लागू होंगे निर्देश
पत्र में अमृत 2.0, स्वच्छ भारत मिशन 2.0, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना (चतुर्थ चरण), मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना, कायाकल्प अभियान, एसडीएमएफ सहित विभिन्न योजनाओं के तहत किए जा रहे विकास कार्यों का उल्लेख किया गया है।
निर्देशों के मुताबिक जनप्रतिनिधियों द्वारा किए जाने वाले विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण की जानकारी भी निर्धारित सूचना पट्टिका के माध्यम से प्रदर्शित की जानी है।
जगह के अनुसार बदलेगा सूचना पट्टिका का स्वरूप
संचालनालय की ओर से तैयार मार्गदर्शिका में स्थान के अनुसार सूचना पट्टिका लगाए जाने की व्यवस्था बताई गई है। पत्र के अनुसार—
भवन निर्माण कार्य और जहां पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो, वहां ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर तथा गोल्डन उत्कीर्णन के साथ पट्टिका लगाए जाने का प्रावधान है।
सड़क निर्माण जैसे कार्यों में, जहां पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं हो, वहां स्टील ट्यूबलर स्ट्रक्चर के साथ सूचना पट्टिका लगाए जाने के निर्देश हैं।
सूचना पट्टिका का निर्माण और स्थापना संचालनालय द्वारा जारी Standard Operating Procedure (SOP) तथा ड्राइंग के अनुरूप किया जाना होगा।
2 लाख से अधिक के हर कार्य पर अनिवार्यता
पत्र की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जारी दिशा-निर्देश 2 लाख रुपये से अधिक मूल्य वाले सभी कार्यों पर अनिवार्य रूप से लागू होंगे। यानी निर्धारित सीमा से अधिक लागत वाले विकास कार्यों में सूचना पट्टिका केवल औपचारिकता नहीं रहेगी, बल्कि उसे विभागीय निर्देशों के अनुसार लगाया जाना होगा।
जनता के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्देश
विकास कार्यों की सूचना पट्टिका किसी भी परियोजना की सार्वजनिक पहचान का महत्वपूर्ण माध्यम होती है। इससे मौके पर नागरिकों को यह जानकारी मिल सकती है कि संबंधित कार्य किस योजना के अंतर्गत, कितनी लागत से और किस विभाग/निकाय द्वारा कराया जा रहा है तथा उसका भूमिपूजन या लोकार्पण कब हुआ।
इस व्यवस्था से विकास कार्यों के संबंध में सार्वजनिक जानकारी और जवाबदेही को बढ़ावा देने की दिशा में मदद मिल सकती है। खासतौर पर स्थानीय स्तर पर नागरिक किसी निर्माण कार्य की जानकारी मौके पर ही प्राप्त कर सकेंगे।
निकायों की बढ़ेगी जिम्मेदारी
संचालनालय के निर्देश के बाद अब नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर परिषदों को 2 लाख रुपये से अधिक लागत वाले संबंधित कार्यों में सूचना पट्टिका लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। इससे नगरीय निकायों के अधिकारियों के सामने यह जिम्मेदारी भी होगी कि पट्टिका निर्धारित SOP और स्वीकृत ड्राइंग के अनुरूप ही लगाई जाए।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि 2 लाख रुपये से अधिक मूल्य वाले समस्त कार्यों पर यह दिशा-निर्देश अनिवार्य रूप से लागू होंगे।