UPI से 1.88 लाख की साइबर ठगी, राजस्थान तक पहुंची कुठला पुलिस की जांच; अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार तकनीकी साक्ष्यों, बैंक ट्रांजेक्शन और UPI आईडी के विश्लेषण से आरोपियों तक पहुंची पुलिस न्यायालय ने भेजा जेल
UPI से 1.88 लाख की साइबर ठगी, राजस्थान तक पहुंची कुठला पुलिस की जांच; अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
तकनीकी साक्ष्यों, बैंक ट्रांजेक्शन और UPI आईडी के विश्लेषण से आरोपियों तक पहुंची पुलिस न्यायालय ने भेजा जेल
कटनी।। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच कटनी पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। कुठला थाना पुलिस ने UPI के जरिए 1.88 लाख की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो कथित सदस्यों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। पुलिस की तकनीकी जांच में बैंक ट्रांजेक्शन, UPI आईडी, मोबाइल नंबर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की गई। मामला कछंगवा निवासी अंकित राय (30) से जुड़ा है। पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मुड़वारा शाखा के खाते से उसकी जानकारी और सहमति के बिना UPI के माध्यम से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए गए। पहले ट्रांजेक्शन में ₹90 हजार और दूसरे में ₹98 हजार, यानी कुल ₹1.88 लाख अज्ञात खातों में ट्रांसफर कर दिए गए।
बैंक से जानकारी लेने पर साइबर धोखाधड़ी की पुष्टि हुई। शिकायत के आधार पर कुठला थाने में अपराध क्रमांक 425/26, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान कुठला पुलिस ने साइबर तकनीक का इस्तेमाल करते हुए बैंक ट्रांजेक्शन विवरण, UPI आईडी, मोबाइल नंबर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। लगातार तकनीकी जांच और पतासाजी के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पुलिस ने कुलदीप सिंह सोलंकी (22), निवासी ग्राम रोलाना, थाना सांगोद, जिला कोटा, राजस्थान तथा शुभम मीणा उर्फ सानू (27), निवासी ग्राम नीलम खुर्द, थाना कोतवाली, जिला सवाई माधोपुर, राजस्थान को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में मिले गिरोह से जुड़े अहम सुराग
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान साइबर ठगी से जुड़े अन्य व्यक्तियों तथा ठगी की रकम के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी और साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। इससे इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की संभावना बढ़ गई है। पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है।गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
SP के निर्देश पर टीम ने की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं उप पुलिस अधीक्षक शिवा पाठक के मार्गदर्शन में कुठला थाना प्रभारी निरीक्षक अखलेश दाहिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक अजीत मिश्रा, आरक्षक पुष्पेन्द्र त्रिपाठी, बुद्धू कुमार तथा साइबर सेल कटनी से अमित श्रीपाल, सतेन्द्र सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की नागरिकों से अपील
कुठला पुलिस ने नागरिकों से साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और OTP, UPI PIN, ATM नंबर या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। किसी के बहकावे या लालच में आकर बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज, ATM अथवा बैंक में लिंक मोबाइल नंबर भी किसी अन्य व्यक्ति को न दें। यदि साइबर धोखाधड़ी हो जाए तो बिना देरी किए 1930 पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही नजदीकी पुलिस थाने अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर सूचना दें। पुलिस के अनुसार समय पर शिकायत मिलने से ठगी की राशि को सुरक्षित कराने और आगे की कार्रवाई करने की संभावना बढ़ जाती है। साइबर ठगी में कुछ मिनटों की देरी भी भारी पड़ सकती है, इसलिए धोखाधड़ी होते ही 1930 पर तत्काल सूचना दें।
