भारी बारिश से गौरेला में ढहा जर्जर मकान, पड़ोसियों की सूझबूझ और युवाओं की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
गौरेला: भारी बारिश और खराब मौसम के चलते पुराना गौरेला के वार्ड नंबर 8 (मदीना मस्जिद के सामने) में स्थित एक मकान शनिवार शाम भरभरा कर गिर गया। गनीमत यह रही कि स्थानीय लोगों और पड़ोसियों की समय रहते दिखाई गई सतर्कता से एक बड़ी जनहानि टल गई। यह मकान स्वर्गीय शेख नेहाल का था, जिसमें वर्तमान में उनके बेटे कादिर खान और बेटी निवास कर रहे थे।
खतरे का अंदेशा और चेतावनी
दीवारों में दरार और रिसाव: शुक्रवार, 7 अगस्त की दोपहर कादिर अपनी बड़ी बहन के साथ पड़ोस में गए हुए थे। इसी दौरान तेज बारिश और आकाशीय बिजली की तेज गर्जना हुई। घर लौटने पर उन्होंने देखा कि मकान की दीवारों में गहरी दरारें आ गई हैं और बारिश का पानी अंदर रिस रहा है।
समय पर लिया गया फैसला: दीवारों की जर्जर स्थिति को देखकर यह स्पष्ट हो गया था कि मकान किसी भी वक्त बड़े हादसे का शिकार हो सकता है।
इंसानियत और एकजुटता की मिसाल
मकान की खतरनाक स्थिति को देखते हुए वार्ड नंबर 8 के निवासियों ने जिस तरह से मोर्चा संभाला, वह अत्यंत सराहनीय रहा:

पड़ोसी का सहारा: खतरे को भांपते हुए पड़ोसी फिरदौस आलम ने तुरंत दोनों भाई-बहनों को वह मकान छोड़ने को कहा और उन्हें अपने घर में सुरक्षित आश्रय दिया।
युवाओं की सक्रियता: हादसे को टालने में वार्ड के नौजवान साथियों का सबसे अहम योगदान रहा। युवाओं ने न सिर्फ समय रहते मकान को खाली करवाया, बल्कि एहतियात के तौर पर मकान के आस-पास के रास्तों पर बैरिकेडिंग भी कर दी, ताकि कोई भी राहगीर उस रास्ते से गुजरकर हादसे का शिकार न हो।
हादसा और प्रशासन का आश्वासन
शनिवार, 8 अगस्त की शाम करीब 7:00 से 8:00 बजे के बीच, वह जर्जर मकान अंततः ढह गया। चूंकि घर पहले ही खाली कराया जा चुका था और रास्ते बंद कर दिए गए थे, इसलिए इस दुर्घटना में जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। इस पूरे बचाव कार्य का श्रेय मकान मालिक कादिर और वार्ड नंबर 8 के समस्त जागरूक नागरिकों को जाता है।
घटना की सूचना मिलने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश दुबे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।