50 प्रतिशत बकाया जलकर एकमुश्त जमा करने पर बड़ी राहत, बेबी जरीना को 51,394 रुपये का लाभ
50 प्रतिशत बकाया जलकर एकमुश्त जमा करने पर बड़ी राहत, बेबी जरीना को 51,394 रुपये का लाभ
कटनी।। नगर पालिक निगम कटनी द्वारा बकाया जलकर की वसूली और उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से लागू की गई विशेष जलकर राहत योजना का नागरिकों को लाभ मिलने लगा है। योजना के तहत पात्र आवासीय उपभोक्ताओं द्वारा बकाया जलकर की निर्धारित 50 प्रतिशत राशि एकमुश्त जमा करने पर शेष राशि में नियमानुसार राहत दी जा रही है। इससे लंबे समय से बकाया जलकर से परेशान उपभोक्ताओं को अपने खातों का निपटारा करने का अवसर मिल रहा है।

योजना का उल्लेखनीय लाभ वंश स्वरूप वार्ड निवासी बेबी जरीना को मिला। उनके जलकर खाते में 1 लाख 3 हजार 810 रुपये की बकाया मांग राशि थी। निर्धारित 50 प्रतिशत राशि एकमुश्त जमा करने पर उन्हें 51 हजार 394 रुपये की राहत प्राप्त हुई। इसी तरह नेहरू वार्ड निवासी चेलाराम पटेल को योजना के तहत 41 हजार 804 रुपये की राहत मिली।
इसके अलावा संतकवरराम वार्ड निवासी अतुलदास एवं अनुकूल दास को 19 हजार 299 रुपये तथा वीरेंद्र कुमार खन्ना को 19 हजार 977 रुपये की राहत मिली। वहीं जालपा वार्ड निवासी गीता बाई पाठक ने भी योजना का लाभ लेते हुए निर्धारित राशि एकमुश्त जमा की और उन्हें 11 हजार 843 रुपये की राहत प्राप्त हुई।
बकाया जलकर निपटाने का अवसर
जलकर राहत योजना से उपभोक्ताओं को आर्थिक बोझ कम करने के साथ अपने जलकर खातों को नियमित कराने का अवसर मिल रहा है। योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं ने निगम प्रशासन की पहल को उपयोगी बताते हुए अन्य पात्र नागरिकों से भी समय रहते बकाया जलकर का निपटारा करने की अपील की है।
10 सितंबर 2026 तक ही मिलेगा लाभ
नगर पालिक निगम कटनी की विशेष जलकर राहत योजना 10 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। पात्र आवासीय उपभोक्ता नगर निगम कार्यालय अथवा संबंधित जोन कार्यालय में पहुंचकर अपने बकाया जलकर की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। निर्धारित 50 प्रतिशत राशि एकमुश्त जमा करने पर नियमानुसार शेष राशि में मिलने वाली राहत का लाभ लिया जा सकेगा। निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते योजना का लाभ उठाकर अपने बकाया जलकर का निपटारा करें। इससे उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलने के साथ जलकर खातों के नियमितीकरण और निगम के राजस्व संग्रहण को भी गति मिलेगी।