Halehulchal Big Breaking News कटनी जमीन प्रकरण में बड़ी कार्रवाई: CSP कार्यालय सील, दो पुलिस अधिकारियों समेत रीडर-ड्राइवर-गनमैन निलंबित PHQ के निर्देश पर तड़के हुई कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप, FIR के बाद CSP नेहा पच्चीसिया समेत तीनों आरोपी बताए जा रहे भूमिगत

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Halehulchal Big Breaking News
कटनी जमीन प्रकरण में बड़ी कार्रवाई: CSP कार्यालय सील, दो पुलिस अधिकारियों समेत रीडर-ड्राइवर-गनमैन निलंबित
PHQ के निर्देश पर तड़के हुई कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप, FIR के बाद CSP नेहा पच्चीसिया समेत तीनों आरोपी बताए जा रहे भूमिगत
कटनी।। हत्या के एक आरोपी की कन्हवारा स्थित जमीन को कथित दबाव, सांठगांठ और बेहद कम कीमत पर खरीदे जाने के आरोपों से जुड़े मामले में कटनी पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। कुठला थाने में कटनी नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बाद अब CSP कार्यालय को सील किए जाने और पुलिस विभाग से जुड़े कई कर्मचारियों-अधिकारियों के निलंबन की खबर ने पूरे जिले के पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में CSP कार्यालय को सील किया गया है। कार्यालय को सील किए जाने की कार्रवाई को इस पूरे प्रकरण में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। हालांकि, कार्यालय सील करने की कार्रवाई और निलंबन के संबंध में विभागीय स्तर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

CSP कार्यालय सील, दस्तावेजों की सुरक्षा पर जोर
बताया जा रहा है कि FIR दर्ज होने के बाद मामले से संबंधित दस्तावेजों, फाइलों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से CSP कार्यालय को सील किया गया है। जांच एजेंसी द्वारा आगे कार्यालय को खोलकर आवश्यक दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच किए जाने की संभावना है।
यदि जांच के दौरान कार्यालय में मौजूद किसी फाइल, दस्तावेज, कंप्यूटर रिकॉर्ड अथवा अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री का इस प्रकरण से संबंध पाया जाता है, तो उसे जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है।

दो पुलिस अधिकारियों समेत स्टाफ पर भी गिरी गाज
इस मामले में कार्रवाई का दायरा केवल CSP कार्यालय तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक रंगनाथ नगर थाना प्रभारी अरुण पाल सिंह और स्लीमनाबाद थाने में पदस्थ एसआई सौरभ सोनी सहित CSP के रीडर, ड्राइवर और गनमैन को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
एक ही प्रकरण के सिलसिले में पुलिस अधिकारियों एवं CSP कार्यालय से जुड़े स्टाफ पर एक साथ कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद पुलिस विभाग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इस कार्रवाई के बाद अब यह भी माना जा रहा है कि जांच का दायरा और बढ़ सकता है तथा मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

FIR के बाद CSP समेत तीनों आरोपी भूमिगत बताए जा रहे
कुठला थाने में दर्ज FIR क्रमांक 0738/2026 में CSP नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के नाम सामने आने के बाद सूत्रों के अनुसार तीनों के भूमिगत होने की चर्चा है।
मामले में पुलिस द्वारा आरोपों की जांच की जा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि पूरे जमीन सौदे से जुड़े आर्थिक लेन-देन, बैंक खातों और संबंधित व्यक्तियों के बीच संबंधों की जानकारी जुटाई जा रही है।

82.86 लाख की जमीन 18.20 लाख में रजिस्ट्री का आरोप
पूरे मामले का केंद्र कन्हवारा स्थित खसरा नंबर 2618/1 की जमीन बताई जा रही है। जांच संबंधी उपलब्ध जानकारी के अनुसार जमीन का शासकीय गाइडलाइन मूल्य करीब 82.86 लाख रुपये बताया गया है, जबकि 15 अप्रैल 2026 को इसकी रजिस्ट्री करीब 18.20 लाख रुपये में कराए जाने का आरोप है। शिकायत और जांच में यह आरोप लगाया गया है कि हत्या के एक मामले में आरोपी रमेश लोधी पर पुलिस कार्रवाई का दबाव बनाकर उसकी जमीन कम कीमत पर खरीदने के लिए परिस्थितियां तैयार की गईं।

मारूफ अहमद के खाते में रजिस्ट्री के दिन पहुंची 15 लाख की रकम
जांच रिपोर्ट से जुड़े बताए जा रहे तथ्यों के अनुसार, जमीन की रजिस्ट्री के दिन मारूफ अहमद के बैंक खाते में 15 लाख रुपये की रकम पहुंची थी। यह राशि दो हिस्सों में आने की बात कही जा रही है।
बताया गया है कि करीब 10 लाख रुपये ‘शाइन पार्टनर्स’ के खाते से और 5 लाख रुपये क्षितिज राज बारापत्रे के खाते से ट्रांसफर हुए। जांच में ‘शाइन पार्टनर्स’ के स्वामित्व और क्षितिज राज से जुड़े वित्तीय संबंधों की भी पड़ताल किए जाने की बात सामने आई है। यही वित्तीय लेन-देन इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

फ्रंटमैन’ के तौर पर इस्तेमाल किए जाने का आरोप
मामले में नामजद मारूफ अहमद हनफी की भूमिका को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायत और जांच से जुड़े तथ्यों में आरोप लगाया गया है कि मारूफ अहमद को जमीन का वास्तविक खरीदार न होकर ‘फ्रंटमैन’ यानी सामने के खरीदार के तौर पर इस्तेमाल किया गया। जांच में उसके बैंक खाते की वित्तीय स्थिति और जमीन खरीदने की क्षमता की भी पड़ताल की गई। दावा है कि जमीन की कीमत की तुलना में उसके खाते में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध नहीं थी और रजिस्ट्री के दिन ही बड़ी रकम उसके खाते में पहुंची।

1.07 करोड़ के सौदे का भी उल्लेख
शिकायत पक्ष द्वारा जमीन का वास्तविक सौदा करीब 1.07 करोड़ रुपये का होने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि जमीन के मालिक रमेश लोधी को केवल 15 लाख रुपये का भुगतान किया गया, जबकि शेष राशि के संबंध में गंभीर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

किन धाराओं में दर्ज है मामला
कुठला थाने में दर्ज प्रकरण में BNS की धारा 61, 198, 199(b), 308(7) और 318(4) के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इन धाराओं के तहत आपराधिक षड्यंत्र, लोक सेवक से संबंधित आरोप, दबाव/वसूली और धोखाधड़ी सहित विभिन्न आरोपों की जांच की जा रही है।

अब आगे क्या
CSP कार्यालय को सील किए जाने और पुलिस अधिकारियों व कार्यालयीन स्टाफ पर निलंबन की कार्रवाई की खबर के बाद अब पूरे मामले की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं। जांच एजेंसी बैंक खातों, जमीन की रजिस्ट्री, संबंधित दस्तावेजों, कॉल/इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और मामले से जुड़े लोगों के आपसी संबंधों की जांच कर सकती है। सूत्रों का यह भी दावा है कि जांच का दायरा बढ़ने पर कुछ अन्य पुलिसकर्मियों अथवा संबंधित लोगों से पूछताछ या उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी प्रतीक्षित है।

BIG BREAKING का बड़ा संकेत
FIR के बाद CSP कार्यालय सील होना, दो अधिकारियों सहित कार्यालय से जुड़े स्टाफ पर निलंबन की कार्रवाई और पूरे मामले की वित्तीय कड़ियों की जांच—कटनी के इस जमीन प्रकरण को अब पुलिस विभाग के लिए बेहद गंभीर मामला बना चुकी है। फिलहाल जांच जारी है और मामले में सामने आ रहे प्रत्येक आरोप की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसी एवं न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होना बाकी है।

 

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