व्यौहारी स्टेशन पर टीसी पर अभद्रता, मारपीट और अवैध वसूली के आरोप, भाजयुमो ने सौंपा ज्ञापन

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व्यौहारी। व्यौहारी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के साथ कथित अभद्रता, मारपीट, धमकी और नियम विरुद्ध राशि वसूली का मामला सामने आया है। मामले को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) मंडल ब्यौहारी, जिला शहडोल की ओर से रेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर संबंधित टीसी के विरुद्ध जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की गई है। यह ज्ञापन 22 अगस्त 2026 को भाजयुमो मंडल ब्यौहारी के अध्यक्ष सौरभ गुप्ता के नाम से जारी किया गया है।

 

ज्ञापन में रेल प्रबंधक (DRM), पश्चिम मध्य रेल, ब्यौहारी जोन, जबलपुर के नाम संबोधित पत्र में टीसी द्वारा कथित तौर पर गाली-गलौज एवं मारपीट किए जाने का उल्लेख किया गया है। पत्र में शैलेन्द्र राठौर का हवाला देते हुए बताया गया है कि वे अपने साथी-संबंधी को रेलवे स्टेशन छोड़ने गए थे। वापस लौटते समय टीसी सुनील कुशवाहा द्वारा उन्हें पकड़ लिया गया और फाइन की राशि जमा करने की बात कही गई। पत्र के अनुसार संबंधित व्यक्ति ने फाइन की राशि जमा करने की बात स्वीकार कर ली थी।

 

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद सुनील कुशवाहा द्वारा रेलवे परिसर के अंदर एक साथी सिपाही अथवा जवान की मौजूदगी में शैलेन्द्र राठौर के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की गई। पत्र में यह भी कहा गया है कि राशि फोन-पे के माध्यम से दिए जाने के बाद उसे किसी अन्य साथी के फोन-पे खाते में ट्रांसफर किया गया, जिसका स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध होने का दावा किया गया है। इसी दौरान मामले में सहायता के लिए शौर्य शुक्ला को फोन किए जाने का उल्लेख है।

 

ज्ञापन के मुताबिक, फोन किए जाने के बाद टीसी द्वारा शौर्य शुक्ला को भी कथित रूप से धमकाया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद शौर्य शुक्ला एवं अन्य साथियों द्वारा मामले की जानकारी रेलवे शाखा के वरिष्ठ अधिकारी को दी गई। भाजयुमो ने पूरे प्रकरण को गंभीर बताते हुए संबंधित कर्मचारी के आचरण, कथित वसूली, अभद्रता, मारपीट और धमकी की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

 

ज्ञापन की प्रतिलिपि सांसद तथा क्षेत्रीय विधायक को भी भेजे जाने का उल्लेख है। भाजयुमो ने रेल प्रशासन से मामले की तत्काल जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध उचित एवं सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित रेल कर्मचारी या रेल प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।

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