मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल में साइबर जागरूकता अभियान, छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव के बताए उपाय
गौरेला, 21 अगस्त 2026। पुलिस अधीक्षक जीपीएम के आदेश एवं थाना प्रभारी गौरेला के निर्देशानुसार आज मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल में छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से साइबर जागरूकता अभियान आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को मजबूत पासवर्ड रखने, प्रत्येक ऐप के लिए अलग पासवर्ड का उपयोग करने तथा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखने की सलाह दी। साथ ही OTP, पासवर्ड और UPI PIN किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की गई।
सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग को लेकर फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, स्नैपचैट और टेलीग्राम जैसी सोशल मीडिया प्रोफाइल को आवश्यकतानुसार प्राइवेट रखने, अजनबियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करने तथा अपनी लोकेशन, दैनिक दिनचर्या और निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं करने की समझाइश दी गई। फोटो एवं वीडियो पोस्ट करने से पहले सावधानी बरतने की सलाह देते हुए बताया गया कि इंटरनेट पर डाली गई सामग्री लंबे समय तक उपलब्ध रह सकती है।
साइबर ठगी की पहचान के संबंध में फर्जी लिंक, KYC अपडेट, पार्ट-टाइम जॉब और अन्य लालच वाले संदेशों से सावधान रहने तथा अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि QR कोड स्कैन करने से सामान्यतः पैसा प्राप्त नहीं होता, बल्कि भुगतान किया जा सकता है। UPI PIN केवल भुगतान के समय ही दर्ज करें और इसे किसी के साथ साझा न करें।
साइबर बुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न, गाली-गलौज, धमकी, अश्लील संदेश या आपत्तिजनक फोटो प्राप्त होने पर जवाब न देने, स्क्रीनशॉट एवं अन्य साक्ष्य सुरक्षित रखने और तत्काल माता-पिता, शिक्षक, पुलिस थाना या साइबर सेल को सूचना देने की सलाह दी गई। किसी की फोटो या वीडियो बिना अनुमति के साझा करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है, इस संबंध में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
गेमिंग एवं पढ़ाई के दौरान अनजान लोगों से निजी जानकारी साझा नहीं करने, किसी भी अनजान APK फाइल को डाउनलोड नहीं करने तथा ऐप केवल आधिकारिक Play Store या App Store से ही इंस्टॉल करने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में AI आधारित फर्जी आवाज और वीडियो से सावधान रहने की जानकारी भी दी गई। रिश्तेदार या परिचित के नाम से पैसे मांगने पर पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर पुष्टि करने तथा अपनी फोटो अनावश्यक रूप से सार्वजनिक नहीं करने की सलाह दी गई, ताकि फोटो के दुरुपयोग की संभावना को कम किया जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराध होने की स्थिति में मोबाइल नंबर, स्क्रीनशॉट, फोटो एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने की समझाइश दी। बैंकिंग या ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करने, नजदीकी थाना अथवा साइबर सेल से संपर्क करने तथा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।
साइबर जागरूकता कार्यक्रम में उपनिरीक्षक अरविंद मिश्रा, सउनि के.एल. वाणी, PSI आकाश बघेल एवं महिला आरक्षक सेमकली उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से अपील की कि साइबर सुरक्षा को लेकर स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।