मजदूरी और पुताई सामग्री के भुगतान का विवाद, दुकानदार ने मजदूर के साथी की बाइक रखी; इंटक ने दिया मकान मालिक को तीन दिन का समय
गौरेला। मजदूरी का भुगतान नहीं होने और मकान मालिक के कहने पर अपने नाम से पुताई सामग्री उधार लाने के बाद भुगतान अटकने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सामग्री का पैसा नहीं मिलने पर दुकानदार ने मजदूर के साथी की मोटरसाइकिल अपने पास रख ली, जिसके बाद परेशान मजदूर ने राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के जिला कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दी है।
मामला गौरेला के वार्ड क्रमांक 15 अंबेडकर निवासी मजदूर चंचल रोहड़ी से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायत के अनुसार चंचल ने गौरेला में एक मकान मालिक के यहां पुट्टी-पुताई का काम किया था। मजदूर का कहना है कि मकान मालिक ने उसे बाहर से पुताई का सामान लाने के लिए कहा और भरोसा दिलाया कि सामान का पैसा बाद में वह स्वयं दे देगा। इसके बाद चंचल ने अपने नाम से दुकानदार से करीब 25 हजार रुपये की पुताई सामग्री लेकर काम पूरा कराया।
शिकायत के मुताबिक काम पूरा होने के बाद मजदूर की कुल 19 हजार रुपये मजदूरी में से 15 हजार रुपये का भुगतान किया गया, जबकि शेष रकम तथा पुताई सामग्री की राशि का भुगतान बाद में करने की बात कही गई। मजदूर का आरोप है कि कई महीनों से उसे आज-कल कहकर भुगतान के लिए घुमाया जा रहा है।
इसी बीच सामग्री का भुगतान नहीं होने पर दुकानदार द्वारा मजदूर के साथी की मोटरसाइकिल अपने पास रख लिए जाने की बात सामने आई है। मजदूर चंचल का कहना है कि वह लगातार मकान मालिक से भुगतान की मांग कर रहा था, ताकि अपने साथी की मोटरसाइकिल दुकानदार से वापस दिला सके। लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
मजदूर ने इंटक में दी लिखित शिकायत
लगातार परेशानियों के बाद चंचल रोहड़ी ने राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के जिला कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दी। शिकायत मिलने के बाद इंटक प्रदेश सचिव एवं जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मकान मालिक को अपना पक्ष रखने के लिए तीन दिन का समय दिया है।
इदरीस अंसारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि फिलहाल दूसरे पक्ष को भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। उन्होंने कहा कि दूसरे पक्ष का जवाब सामने आने के बाद ही मकान मालिक अथवा दुकानदार का नाम सार्वजनिक किया जाएगा।
‘मकसद किसी की छवि खराब करना नहीं’
इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने कहा कि यदि आपसी बातचीत और समझौते से करीब 29 हजार रुपये की राशि से जुड़े विवाद का समाधान हो जाता है, तो किसी की छवि खराब करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि इंटक का उद्देश्य मजदूरों को उनका हक और अधिकार दिलाना है, किसी व्यक्ति को बदनाम करना नहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि मामला बातचीत से नहीं सुलझता है तो आगे नियमानुसार कार्रवाई के विकल्प खुले हैं और जरूरत पड़ने पर पुलिस में शिकायत अथवा एफआईआर की कार्रवाई भी हो सकती है।
इदरीस अंसारी के मुताबिक, “किसी गरीब मजदूर की मजदूरी का भुगतान नहीं होना और उसके साथी की मोटरसाइकिल इस तरह रखी जाना गंभीर विषय है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि तीन दिन के भीतर संबंधित पक्ष अपना पक्ष रखेगा और आपसी सहमति से विवाद का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
अब तीन दिन बाद क्या होगा?
फिलहाल पूरे मामले में मकान मालिक और दुकानदार का पक्ष सामने आना बाकी है। इंटक ने तीन दिन का समय दिया है। इसके बाद दोनों पक्षों की बात सामने आने पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अब देखना होगा कि क्या आपसी समझौते से मजदूर की मजदूरी और सामग्री के भुगतान का विवाद खत्म होता है और मोटरसाइकिल वापस मिलती है, या फिर मामला कानूनी कार्रवाई की ओर बढ़ता है।