दोपहर की खामोशी, टूटी जाली और गायब चांदी का मुकुट..CCTV की एक कड़ी ने खोला मंदिर चोरी का राज पुरानी कचहरी के हनुमान मंदिर में चोरी का सनसनीखेज खुलासा, 25 हजार का चांदी का मुकुट बरामद; चोर और चोरी का माल खरीदने वाला गिरफ्तार, मुख्य साथी फरार
दोपहर की खामोशी, टूटी जाली और गायब चांदी का मुकुट..CCTV की एक कड़ी ने खोला मंदिर चोरी का राज
पुरानी कचहरी के हनुमान मंदिर में चोरी का सनसनीखेज खुलासा, 25 हजार का चांदी का मुकुट बरामद; चोर और चोरी का माल खरीदने वाला गिरफ्तार, मुख्य साथी फरार
कटनी।। पुरानी कचहरी स्थित हनुमान मंदिर में 28 अगस्त की दोपहर हुई चोरी ने पुलिस के सामने एक ऐसा सवाल खड़ा कर दिया था, जिसका जवाब मंदिर के भीतर नहीं, बल्कि आसपास लगे कैमरों में छिपा था। मंदिर में CCTV नहीं था। खिड़की की जाली टूटी पड़ी थी। सामान अस्त-व्यस्त था और हनुमान जी का चांदी का मुकुट गायब था।
मामला धार्मिक आस्था से जुड़ा था, लिहाजा पुलिस के लिए यह सिर्फ चोरी की वारदात नहीं, बल्कि चुनौती भी थी। लेकिन आसपास के कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र ने आखिरकार उस कड़ी को पकड़ लिया, जो पुलिस को सराफा बाजार तक ले गई।
दोपहर 2 बजे खुला चोरी का मंजर
28 अगस्त को संस्कार मिश्रा ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पिता अनंत राम मिश्रा पुरानी कचहरी स्थित हनुमान मंदिर में पुजारी हैं। दोपहर करीब 2 बजे जब वे मंदिर पहुंचे तो अंदर का सामान बिखरा पड़ा था। नजर खिड़की की तरफ गई तो जाली टूटी हुई थी। इसके बाद जब भगवान हनुमान की प्रतिमा की ओर देखा गया तो चांदी का मुकुट गायब था।
पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 950/26, धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

मंदिर में कैमरा नहीं था….लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी
मंदिर परिसर में CCTV कैमरे नहीं लगे थे। ऐसे में पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान सबसे बड़ी चुनौती थी।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य और उप पुलिस अधीक्षक अजाक शिवा पाठक के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक राखी पाण्डेय ने टीम गठित की। जांच टीम ने घटनास्थल की बारीकी से पड़ताल की। इसके बाद मंदिर के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में दो युवक मंदिर के आसपास लगातार घूमते और रैकी करते दिखाई दिए। यहीं से कहानी ने पहला मोड़ लिया। पुलिस ने दोनों संदिग्धों के हुलिए को आधार बनाकर तलाश शुरू की। इसी दौरान सराफा बाजार में पुलिस की नजर एक ऐसे युवक पर पड़ी, जिसका हुलिया CCTV फुटेज में दिख रहे संदिग्ध से मेल खा रहा था।
सराफा बाजार में मिला पहला सुराग
पुलिस ने संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने अपना नाम पवन नामदेव, उम्र 19 वर्ष, निवासी कैमोर, जिला कटनी बताया। जब पुलिस ने उसे CCTV फुटेज से प्राप्त तस्वीर दिखाई तो उसने दूसरे युवक की पहचान लेखराज उर्फ मयूर उर्फ भूरा बेन, निवासी बरही के रूप में की। मंदिर चोरी को लेकर पूछताछ शुरू हुई तो पवन ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन लगातार पूछताछ के बाद आखिरकार वह टूट गया।
पुलिस के अनुसार, उसने स्वीकार किया कि 28 अगस्त की दोपहर मंदिर के आसपास सुनसान होने का फायदा उठाकर उसने अपने साथी मयूर के साथ मिलकर खिड़की की जाली तोड़ी और हनुमान जी का चांदी का मुकुट चोरी कर लिया।
15 हजार में बिका था आस्था का मुकुट
पूछताछ में सामने आया कि चोरी के बाद चांदी का मुकुट मयूर ने सराफा बाजार कटनी के धर्मेन्द्र सोनी को 15 हजार रुपये में बेच दिया था। इस रकम में पवन के हिस्से में 5 हजार रुपये आए थे। अब पुलिस के सामने अगला सवाल था,मुकुट गया कहां.पवन से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस तत्काल सराफा बाजार पहुंची और धर्मेन्द्र सोनी, उम्र 29 वर्ष, निवासी शिवनगर, कटनी को अभिरक्षा में लिया। उसके कब्जे से पुलिस ने चोरी गया चांदी का मुकुट बरामद कर लिया।
मुकुट बरामद, लेकिन कहानी का एक किरदार अब भी फरार
पुलिस के हाथ मुकुट लग चुका था, लेकिन चोरी का दूसरा आरोपी लेखराज उर्फ मयूर उर्फ भूरा बेन अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस के मुताबिक वह थाना बरही का निगरानी बदमाश बताया गया है और घटना के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 25 हजार रुपये अनुमानित कीमत का चांदी का मुकुट बरामद किया है। इसके अलावा मुकुट की बिक्री से पवन के हिस्से में आए 5 हजार रुपये में से 1,500 रुपये नगद भी बरामद किए गए हैं।
तीन नाम सामने आए, दो गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने चोरी करने वाले पवन नामदेव और चोरी का माल खरीदने वाले धर्मेन्द्र सोनी को गिरफ्तार किया है, जबकि लेखराज उर्फ मयूर उर्फ भूरा बेन फरार है।
थाना प्रभारी निरीक्षक राखी पाण्डेय के मुताबिक मंदिर में हुई चोरी आमजन की धार्मिक भावनाओं से जुड़ी थी, इसलिए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तेजी से कार्रवाई की। तकनीकी साक्ष्य, CCTV फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से चोरी का खुलासा किया गया और चोरी गया मुकुट बरामद कर लिया गया। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं उप पुलिस अधीक्षक अजाक शिवा पाठक के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक राखी पाण्डेय के नेतृत्व में प्र.आर. नितिन जायसवाल, वीरेन्द्र सिंह, अनिल सेंगर, पुष्पराज सिंह, आरक्षक दीपक तिवारी, मंसूर हुसैन, मोहन मण्डलोई, दिनेश सेन, अजीत सिंह और रोहित राठौर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टूटी हुई जाली से शुरू हुई यह कहानी CCTV के सुराग से सराफा बाजार तक पहुंची और आखिरकार भगवान हनुमान का चांदी का मुकुट पुलिस के हाथ वापस आ गया। हालांकि, इस कहानी का आखिरी अध्याय अभी बाकी है—क्योंकि चोरी में शामिल मयूर अब भी फरार है।