नियमों को ताक पर रखकर हो रहा निर्माण: शासकीय प्राथमिक शाला कोटरिया डांड में छात्राओं के शौचालय में धड़ल्ले से लाल ईंट का उपयोग

0

गौरेला (जीपीएम):

जिले के विकासखंड गौरेला अंतर्गत संकुल पकरिया के शासकीय प्राथमिक शाला कोटरिया डांड में शासन के सख्त दिशा-निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां छात्राओं की सुविधा के लिए बनाए जा रहे बालिका शौचालय के निर्माण कार्य में प्रतिबंधित लाल ईंटों का बेधड़क इस्तेमाल किया जा रहा है।

 

सरकारी आदेशों को दिखाया जा रहा ठेंगा

पर्यावरण संरक्षण और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन द्वारा सभी सरकारी निर्माण कार्यों में फ्लाई ऐश ब्रिक्स (राख की ईंटों) का उपयोग अनिवार्य किया गया है। इसके बावजूद कोटरिया डांड प्राथमिक शाला परिसर में नियमों को दरकिनार कर मिट्टी से पकी लाल ईंटों से धड़ल्ले से दीवारों की जुड़ाई की जा रही है।

 

निगरानी नदारद, गुणवत्ता पर गंभीर सवाल

निर्माण स्थल पर जिस तेजी से घटिया सामग्री खपाई जा रही है, उससे साफ जाहिर होता है कि जिम्मेदार तकनीकी अमले (सब इंजीनियर) और पंचायत/संबंधित निर्माण एजेंसी के बीच सांठगांठ है या फिर मौके पर कोई निगरानी ही नहीं है। लाल ईंटों के उपयोग के साथ-साथ जुड़ाई के मसाले और संरचनात्मक मजबूती पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

मुख्य मुद्दे:

शासकीय निर्देशों की अवहेलना: फ्लाई ऐश ब्रिक्स के अनिवार्य नियम के बावजूद लाल ईंटों का खुला उपयोग।

 

भविष्य की सुरक्षा से समझौता: छात्राओं के लिए बन रहे परिसर में दोयम दर्जे की सामग्री का इस्तेमाल।

 

अधिकारियों की चुप्पी: संकुल स्तर से लेकर जनपद स्तर तक तकनीकी अधिकारियों का मौके से नदारद रहना।

 

ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि नौनिहालों के नाम पर आने वाली शासकीय राशि का खुलेआम बंदरबांट किया जा रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन और जिला शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि निर्माण कार्य का तत्काल स्थल निरीक्षण कर घटिया व अमानक कार्य को रोका जाए तथा दोषियों पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed